रांचीः राजधानी के जयपाल सिंह स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में शुक्रवार को वार्ता का दौर देखने को मिला. आंदोलन कर रहे छात्रों के एक गुट जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई. जिसमें उन्होंने लिखित आश्वासन मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है.
इसी बीच आंदोलन कर रहे छात्रों के एक दूसरे गुट जो JLKM से समर्थित है. उसके प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार की वार्ता शनिवार को होगी. जिसमें आठ सदस्य भाग लेंगे. बता दें कि इस गुट का नाम जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच है.
जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. शुक्रवार को भारी बारिश के बावजूद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में छात्र और अभिभावक धरना-प्रदर्शन में डटे रहे. इसी बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता का रास्ता भी साफ हो गया है.
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच की ओर से बताया गया कि प्रशासनिक अधिकारियों के आग्रह पर सरकार से वार्ता के लिए आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल की सूची सौंप दी गई है. इस प्रतिनिधिमंडल में रामा अवतार महतो, चंदन कुमार, दिनबंधु मंडल, बिमल कुमार, पूजा कुमारी, प्रेम कुमार, रवि शंकर और अमित कुमार शर्मा शामिल हैं.
न्याय मंच के सदस्य चंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि अब इस आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सरकार के प्रतिनिधियों के साथ शनिवार को वार्ता होगी. मंच के अनुसार बैठक सुबह 10 बजे स्टेट गेस्ट हाउस, मोरहाबादी, रांची में प्रस्तावित है. बैठक में छात्र प्रतिनिधि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़ी अपनी मांगों और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने रखेंगे.
देवेंद्र नाथ महतो की की बिगड़ी सेहत
इधर, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को छठे दिन भी जारी रही. मंच की ओर से जारी जानकारी के अनुसार मेडिकल टीम ने उनके स्वास्थ्य में गिरावट की बात कही है. शुगर लेवल में भारी गिरावट सहित स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं सामने आने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने की सलाह दी. हालांकि, देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन का साथ नहीं छोड़ने की बात कहते हुए अस्पताल जाने से इनकार कर दिया.
देवेंद्र नाथ महतो ने सरकार से छात्रों के सब्र की परीक्षा नहीं लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि छात्र अब तक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से आंदोलन कर रहे हैं. सरकार को छात्रों की जायज मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अराजक स्थिति उत्पन्न न हो.
उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द वार्ता कर समाधान नहीं निकालती है तो 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च ऐतिहासिक होगा। इसमें राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा शामिल होंगे. शुक्रवार को आंदोलन को समर्थन देने के लिए पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा और सीजेपी के संगठनात्मक पदाधिकारी भी धरनास्थल पहुंचे. उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात कर उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया.
फिलहाल छात्रों का धरना जारी है. अब शनिवार को होने वाली सरकार और आठ सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल की वार्ता को आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है. वार्ता में सरकार के रुख और आगे की कार्रवाई के आधार पर आंदोलन की अगली रणनीति तय होने की संभावना है.
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की सरकार से वार्ता
बता देंं इससे पहले आज जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की मांग को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई. जिसमें छात्र प्रतिनिधिमंडल ने जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े विभिन्न मुद्दों और अपनी मांगों का विस्तृत आधार सरकार के सामने रखा. छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी.
इस वार्ता में सरकार की ओर से मंत्री संजय प्रसाद यादव, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा, सुद्धिव कुमार और स्वास्थ्य सचिव अजय कुमार सिंह शामिल रहे. वहीं, जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की ओर से 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता में हिस्सा लिया. इस प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल रहे.










