जेपीएससी-जेएसएससी के मुद्दे पर राज्य सरकार एक्शन मोड में है. सीएम ने मामले में विमर्श की संभावना जतायी है. उन्होंने विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी मामले में ठोस समाधान निकाला जायेगा. सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हैं. अपनी मांग लेकर आयें और अपनी बातें रखें. सरकार गंभीरता से लेगी. जांच एजेंसी पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है. कई लोग जेल जा चुके हैं. कई लोगों पर एजेंसी द्वारा दबिश दी जा रही है. शाम में सत्ता पक्ष विधायक दल की बैठक में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कड़ा रुख दिखा. उन्होंने साफ कहा कि जेपीएससी की जांच में किसी तरह की कोताही नहीं होगी. मैने जांचकर्ताओं को खुली छूट दे रखी है. उनसे कहा है कि अगर बात मेरे घर तक भी आती है, ती जांच करें. सरकार पूरी पारदर्शिता बरत रही है. इस मामले में एक संस्था की गलती है. हर पहलू की जांच होगी. सीएम ने कहा कि सभी राज्यों की अपनी एजेंसी है. देश की भी एजेंसी है. देखिये, कैसे आंदोलन के मोर्चे को संभाला जा रहा है. इस मामले में हमने सबसे पहले संज्ञान लिया और कदम बढ़ाया. दूसरे राज्यों में भी ऐसी घटनाएं हो रही है, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कई माध्यमों से जांच एजेंसी की कार्रवाई की सूचना मिल रही है. अनुसंधान की जो स्थिति है, उसकी पूरी रिपोर्ट ली जा रही है.
जांचकर्ताओं को पूरी छूट : सीएम
एटीआइ में आयोजित सत्ता पक्ष की बैठक में विधायकों ने जेपीएससी और छात्र आंदोलन को लेकर चिंता जतायी. बैठक में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया है. सीआइडी जांच में कई खुलासे हो रहे हैं. सदन में सत्ता पक्ष पूरी एकजुटता के साथ विपक्ष को जवाब दे. बैठक में हुई चर्चा की जानकारी देते हुए विधायक अनूप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री संवेदनशील हैं और उन्हें छात्रों की चिंता है. सीएम ने यहां तक कह दिया कि सीएम हाउस में रेड करनी पड़े, तो भी जांच दल हिचके नहीं. बैठक में छात्रों से बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल (डेलीगेशन) बनाने पर भी चर्चा हुई. उसमें इंडिया गठबंधन के सभी दलों के प्रतिनिधि रहेंगे. छात्रों को सूचना दी गयी है कि सरकार उनसे बात करना चाहती है.
छात्रों के सरकार के बीच आज वार्ता
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा. शाम लगभग चार बजे सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय मुख्यमंत्री से छात्रों की वार्ता का प्रस्ताव लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे. देर रात छात्रों की तरफ से रविन्द्र कुमार पासवान ने बताया कि गुरुवार को सरकार के साथ वार्ता के लिए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल जायेगा. इधर, राज्य के आंदोलनकारी विद्यार्थियों से बात करने को लेकर राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय कमेटी बनायी है. विद्यार्थियों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों और एक अधिकारी को अधिकृत किये जाने की चर्चा है. कमेटी में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और श्रम मंत्री संजय सिंह यादव शामिल हैं. कमेटी में विकास आयुक्त अजय सिंह को भी शामिल किया गया है. हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है.
राज्यपाल से मुलाकात कर मामले की दी जानकारी
रांची. विधानसभा में सीएम हेमंत सोरेन बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की जानकारी दी. सीएम ने कहा कि राज्यपाल को वर्तमान परिस्थिति और सारी चीजों से अवगत कराया गया है. वह भी दिल्ली गये थे और वहां झारखंड के संदर्भ में चर्चा हुई होगी. उनका भी यही मानना था कि छात्रों से जुड़ी समस्याएं राष्ट्रीय समस्या के रूप में दिख रही हैं. राज्यपाल से लोकभवन में मुलाकात के दौरान सीएम ने जेपीएससी और जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के बारे में बताया. साथ ही रांची में जारी छात्र आंदोलन के बारे में अवगत कराया. मौके पर राज्यपाल ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए परीक्षा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं युवाओं के विश्वास को बनाये रखने की आवश्यकता पर बल दिया. अनियमितताओं को अत्यंत गंभीर विषय बताया. उन्होंने कहा कि आयोग इस प्रकार कार्य करे कि उनकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं लगे. सीएम ने उनको आश्वस्त किया कि सरकार छात्रों को न्याय दिलाने के प्रतिबद्ध और गंभीर है.










