रांची छात्र आंदोलन को सोनम वांगचुक का समर्थन, वीडियो कॉल पर देवेंद्र महतो से कहा- जल जरूर पिएं

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राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी, जेएसएससी और सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया. लद्दाख के शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत की.

इस दौरान उन्होंने आंदोलन का समर्थन करते हुए छात्रों के जज्बे को सलाम किया और सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की. सोनम वांगचुक ने कहा, “हम आपके जज्बे और कोशिशों को सलाम करते हैं. आपने कोई निजी मांग नहीं रखी है, बल्कि छात्रों के हित और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात कर रहे हैं. पूरा देश आपकी आवाज सुन रहा है. सरकार को चाहिए कि छात्रों की मांगों को सुने और उनका समाधान निकाले.”

बातचीत के दौरान उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो से विशेष आग्रह किया कि वे अनशन के दौरान कम से कम जल ग्रहण करें. उन्होंने कहा कि सत्याग्रह का उद्देश्य किसी भी तरह आत्महत्या करना नहीं, बल्कि समाज और सरकार की अंतरात्मा को जगाना होता है. इसके लिए आंदोलनकारियों का स्वस्थ रहना आवश्यक है.

सोनम वांगचुक ने कहा, “अनशन के कई तरीके होते हैं. आप कम से कम पानी, नमक और नींबू लें. यदि संभव हो तो शहद और पानी भी लिया जा सकता है. महात्मा गांधी भी अपने उपवास के दौरान जल और नमक लेते थे. अगर आप बिल्कुल जल नहीं लेंगे तो कुछ दिनों बाद शरीर साथ नहीं देगा. हमारा लक्ष्य अपनी आत्मा को जगाना और सरकार की आत्मा को झकझोरना है, न कि अपने जीवन को खतरे में डालना. इसलिए मैं आपसे बार-बार आग्रह करता हूं कि जल जरूर ग्रहण करें.”

इस पर देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है. उन्होंने कहा कि शरीर में काफी कमजोरी है, सिर और बदन में दर्द है तथा शरीर का कोई भी अंग पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहा है. देवेंद्र ने कहा, “25 जुलाई से मैं सत्याग्रह में हूं. पिछले कई दिनों से ठीक से सो नहीं पाया हूं और 2 अगस्त से अन्न और जल दोनों का त्याग कर दिया है.”

उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि सोनम वांगचुक उनके आदर्श रहे हैं और जंतर-मंतर पर उनके आंदोलनों से ही उन्हें प्रेरणा मिली. उन्होंने बताया कि कई लोगों ने उन्हें कम से कम पानी पीने की सलाह दी, चिकित्सकों ने भी स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी दी है. डॉक्टरों के अनुसार उनका शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा है, लेकिन अब तक उन्होंने किसी की बात नहीं मानी थी. इस पर सोनम वांगचुक ने एक बार फिर समझाते हुए कहा, “यदि आप मेरे आदर्श मानते हैं, तो मेरी एक बात जरूर मानिए. जल ग्रहण कीजिए. यह संघर्ष लंबा चल सकता है और इसके लिए आपका जीवित और स्वस्थ रहना जरूरी है. सरकार की अंतरात्मा को जगाने के लिए आपका जिंदा रहना सबसे आवश्यक है. मुझे उम्मीद है कि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी.”

वीडियो कॉल के अंत में भी सोनम वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो और आंदोलन में शामिल सभी छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की तथा दोहराया कि अनशन के दौरान कम से कम जल, नमक और आवश्यक तरल पदार्थ अवश्य ग्रहण करें ताकि आंदोलन मजबूती के साथ आगे बढ़ सके. देवेंद्र नाथ महतो ने बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक से समर्थन का भरोसा मांगा.

उन्होंने कहा कि यदि सोनम वांगचुक उनके आंदोलन के साथ खड़े रहने और लगातार मार्गदर्शन देने का वादा करेंगे, तभी वे जल ग्रहण करने पर विचार करेंगे. इस पर सोनम वांगचुक ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा, “आप जल ग्रहण कीजिए. मैं आपके आंदोलन का समर्थन करता हूं और आगे भी आपके साथ खड़ा रहूंगा. समय-समय पर आप लोगों से बातचीत भी करता रहूंगा. आप शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखिए. पूरा देश आपकी आवाज सुन रहा है और मैं व्यक्तिगत रूप से भी आपके साथ हूं.”

सोनम वांगचुक के इस आश्वासन के बाद भी उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि आंदोलन का उद्देश्य न्याय की मांग करना है, इसलिए आंदोलनकारियों का स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है.सोनम वांगचुक के लगातार आग्रह और समर्थन के आश्वासन को स्वीकार करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वे उनके अनुरोध का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, “आप मेरे आदर्श हैं. आपके आग्रह को स्वीकार करते हुए मैं आज से जल ग्रहण करूंगा.

हमारा आंदोलन पहले की तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और अपनी मांगों के पूरा होने तक संघर्ष चलता रहेगा.”वीडियो कॉल के दौरान ही सोनम वांगचुक के आग्रह पर देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन जारी रखते हुए जल ग्रहण किया. इस तरह सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें जल पीने के लिए प्रेरित किया और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए आंदोलन जारी रखने की अपील की.

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