झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र आज से आहूत है. पांच कार्य दिवस वाले मॉनसून सत्र में जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितता का मामला गरमाएगा. विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है. बुधवार को मॉनसून सत्र को लेकर पक्ष-विपक्ष की बैठक हुई. बैठक में सत्र को लेकर रणनीति बनी. सत्ता पक्ष के विधायक सीएम हेमंत सोरेन के साथ बैठे. जिसमें विपक्ष के सवालों का धारदार तरीके से जवाब देने की रणनीति बनी. सरकार सदन में जेपीएससी-जेएसएससी मामले में चल रही जांच को लेकर मजबूती से अपना पक्ष रखेगी.
स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक
इससे पहले विधानसभा स्पीकर रबींद्र नाथ महतो ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. जिसमें जेपीएससी-जेएसएससी पर विशेष चर्चा की मांग उठी. प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, माले विधायक अरूप चटर्जी और जेएलकेएम विधायक जयराम महतो जेपीएससी-जेएसएससी पर विशेष चर्चा कराने की मांग रखी. बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना था कि इस मामले में त्वरित जांच चल रही है. इस मुद्दे पर बहस होता है, तो कई तरह की बातें आएंगी. जांच प्रभावित हो सकता है. संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर का कहना था कि विपक्ष हाउस सुचारू रूप से चलने देने का आश्वासन दे. हंगामा भी करेंगे और चर्चा भी साथ नहीं हो सकता है. विपक्ष आश्वासन दे कि हंगामा नहीं होगा.
विधायक जयराम महतो का कहना था कि बच्चों के भविष्य का सवाल है. भविष्य में जो परीक्षा होगी, वह अच्छे से हो, इसपर चर्चा करना चाहिए. जेपीएससी के चेयरमैन पर भी बात होनी चाहिए. सत्ता पक्ष के विधायक अरूप चटर्जी का कहना था कि छात्र आंदोलनरत है, उनके विषय पर चर्चा होनी चाहिए. तय हुआ कि सदन के पहले दिन की कार्यवाही के बाद कार्यमंत्रणा की बैठक बुलाकर इस विषय पर चर्चा हो. बैठक में सदन के नेता हेमंत सोरेन, स्पीकर रबींद्रनाथ महतो, राधाकृष्ण किशोर, प्रदीप यादव, सुरेश पासवान, माले विधायक अरूप चटर्जी, आजसू विधायक निर्मल महतो, जेएलकेएम विधायक जयराम महतो और लोजपा विधायक जर्नादन पासवान शामिल हुए.
स्पीकर ने दी नसीहत मॉनसून सत्र सार्थक बने
स्पीकर रबींद नाथ महतो ने कहा है कि विधानसभा का छोटा सत्र है. इसका सदुपयोग पक्ष-विपक्ष करें. जनहित के बाते सदन में आए. अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि विधानसभा के सवालों का जवाब समय में आए. मॉनसून सत्र को सार्थक और जनहितकारी बनाया जाए. उन्हें बताया गया है कि कई आश्वासन, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण का जवाब समय पर नहीं आ रहा है. इस स्थिति में सुधार हो. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की गरिमा और जनहित सर्वोपरि है.
विधानसभा के 750 मीटर दायरे में 7 दिनों तक निषेधाज्ञा
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झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. प्रशासन द्वारा झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है. यह आदेश 6 अगस्त की सुबह 8 बजे से 12 अगस्त की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा. इसके तहत विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (झारखंड उच्च न्यायालय परिसर को छोड़कर) पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली, घेराव और आमसभा आयोजित करने पर रोक रहेगी. इसके अलावा हथियार, लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला सहित अन्य घातक वस्तुओं के साथ चलने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा. हालांकि सरकारी कार्यक्रम और शवयात्रा को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है.










