JPSC परीक्षा घोटाले की जांच में बड़ा विस्तार, 18 और परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों को CID भेजेगा समन

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झारखंड में JPSC की परीक्षाओं में कथित मेधा घोटाले की जांच का दायरा अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है, जिससे राज्य की भर्तियों पर सवाल खड़े हो गए हैं. अब तक तीन परीक्षाओं में शामिल सफल अभ्यर्थियों की जांच और गिरफ्तारी हो रही थी, लेकिन अब CID 18 और परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए समन भेजने की तैयारी में है.

अब तक JPSC 14वीं, FRO और ACF परीक्षा की जांच जारी थी. अब फूड सेफ्टी ऑफिसर, CDPO और सिविल सेवा परीक्षा 2023 की परीक्षा की भी जांच शुरू हो रही है. इन तीन परीक्षाओं के माध्यम से 462 पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं. CID नियुक्त हो चुके अधिकारियों को समन भेजने की तैयारी कर रहा है.

पेपर लीक से OMR में हेराफेरी तक, कई आरोपों की जांच
मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के माध्यम से आयोजित JPSC की सभी 21 परीक्षाएं अब जांच के दायरे में हैं. CID ने इन परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. CID पेपर लीक, OMR शीट में हेराफेरी और कथित सेटिंग के जरिये अभ्यर्थियों को पास कराने के आरोपों की जांच कर रही है.

18 और परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की तैयारी
अब जांच के अगले चरण में झारखंड सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा 2023, सिविल सेवा बैकलॉग परीक्षा 2023 और 2025 के सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की तैयारी है. विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति, सहायक निदेशक, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर और ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्ति से जुड़ी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में हैं. इसके अलावा इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्राध्यापकों की नियुक्ति से जुड़ी 2025 और 2026 की परीक्षाओं की भी जांच होगी. सिविल जज जूनियर डिविजन नियुक्ति परीक्षा 2023 तथा ACF-FRO नियुक्ति परीक्षा 2024 की फाइलें भी खंगाली जा रही हैं.

सहायक लोक अभियोजक, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2024 और छठी सीमित उपसमाहर्ता परीक्षा 2018 के सफल अभ्यर्थी भी CID की जांच के दायरे में हैं.

अब तक 27 आरोपित जेल भेजे गये
मामले में CID अब तक 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इनमें JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत अन्य शामिल हैं. अब तक की कार्रवाई मुख्य रूप से तीन परीक्षाओं पर केंद्रित थी. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित सेटिंग के जरिए सफल होने के आरोप में सुमन सौरभ, दीपक राणा, ओमप्रकाश राणा, उमाकांत उरांव, रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार और रक्षक सिंह को गिरफ्तार किया गया है.

वहीं, सहायक वन संरक्षक (ACF) और वन क्षेत्र पदाधिकारी (FRO) परीक्षा के सफल अभ्यर्थी ऋतिक रौशन और पंकज प्रसून्न भी जेल भेजे जा चुके हैं.

छात्र आंदोलन की क्राउड फंडिंग की शिकायत भी CID तक पहुंची
JPSC-JSSC नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही CID को छात्र आंदोलन की फंडिंग से जुड़ी शिकायत भी मिली है. शिकायत में आंदोलन के लिए करोड़ों रुपये जुटाये जाने और उनके स्रोत व खर्च की जांच की मांग की गयी है. हालांकि, CID ने इस शिकायत की पुष्टि नहीं की है और न ही इस संबंध में जांच शुरू होने की जानकारी दी है.

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