रांची : झारखंड में बहुचर्चित 734 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रांची जोनल टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की टीम ने बुधवार को जमशेदपुर, देवघर और कोलकाता के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की. इसके बाद बुधवार देर रात जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित आवास से स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के तुरंत बाद ईडी की टीम कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों को अपने साथ रांची ले आई.
तीन शहरों में एक साथ 50 से अधिक अधिकारियों की रेड
जांच एजेंसी ने बुधवार सुबह 7 बजे से ही बिष्टुपुर के होटल सोनेट के सामने स्थित ज्योति अपार्टमेंट में ज्ञानचंद जायसवाल के आवास-सह-कार्यालय पर दस्तक दी. इसके अलावा बिष्टुपुर के एन रोड स्थित बीएस टावर में उनके फ्लैट और अकाउंटेंट संजय पारेख के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी गई. इस कार्रवाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के जवानों के साथ ईडी के 50 से ज्यादा अधिकारी शामिल थे. उधर देवघर में विकास चटर्जी के नंदन पहाड़ स्थित आवास और बीएन झा पथ कार्यालय पर भी सघन तलाशी ली गई. दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध व फर्जी वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
फर्जी कंपनियों का सिंडिकेट और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
यह पूरी कार्रवाई फर्जी जीएसटी आईटीसी घोटाले की जांच के दूसरे चरण के तहत की गई है. इससे पूर्व ईडी ने मई 2025 में जुगसलाई निवासी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया और कोलकाता के शिवकुमार देवड़ा सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी. मामले में अब तक 29 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं और फर्जी कंपनियों के खातों में जमा 63 लाख रुपये को फ्रीज कराया जा चुका है. बिना माल की डिलीवरी किए केवल कागजी इनवॉइस के जरिए 734 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी आईटीसी क्लेम करने वाले इस सिंडिकेट में अब मनी ट्रेल के जरिए बड़े व्यवसायियों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं.










