समस्तीपुर छेड़खानी मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पूछताछ में सामने आई घटना की पूरी कहानी

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समस्तीपुर छेड़खानी मामला: कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में लड़की से छेड़खानी के वायरल वीडियो मामले में पुलिस की जांच में कई अहम बातें सामने आयी हैं. पुलिस के अनुसार, घटना 15 सितंबर को जगतसिंहपुर गांव के बूढ़ी गंडक बांध बाइपास रोड पर हुई थी. वीडियो 22-23 सितंबर को सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विकास और राहुल ने घटना के दौरान लड़की को घेरने की बात स्वीकार की है.

आरोपी बोले- पहले युवक को पीटकर भगाया
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सड़क सुनसान थी. उन्होंने एक लड़के और लड़की को वहां फोटो खींचते देखा था. आरोपियों के अनुसार, दोनों के पास पहुंचने के बाद युवक के साथ मारपीट की गयी और उसे वहां से भगा दिया गया.

इसके बाद लड़की को अकेला देखकर उसे पकड़ने की बात आरोपियों ने कही. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मौके पर पहुंचे चाय दुकानदार और पीडीएस दुकानदार पर भी लड़की के साथ अभद्र व्यवहार में शामिल होने का आरोप है.

लड़की के शोर मचाने पर आसपास के लोग वहां पहुंचे, जिसके बाद वह मौके से निकल गयी. पुलिस अब पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है.

वायरल वीडियो में क्या दिखा
वायरल वीडियो में सड़क पर एक लड़की और कुछ युवक दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में एक युवक लड़की का हाथ पकड़ता नजर आता है. लड़की खुद को छुड़ाने की कोशिश करती दिख रही है. विरोध के दौरान एक अन्य युवक के साथ मारपीट की कोशिश करता भी दिखाई देता है.

वीडियो में लड़की लगातार वहां से जाने देने की बात कहती नजर आती है. वह अपने भाई को बुलाने की बात कहती है, जिस पर युवकों की ओर से उसे भाई को बुलाने के लिए कहा जाता है. पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी.

घटनास्थल के आसपास दूर तक आबादी नहीं
घटना के बाद घटनास्थल की स्थिति भी सामने आयी है. बूढ़ी गंडक नदी के बांध बाइपास रोड का यह हिस्सा एकदम सुनसान है. घटनास्थल के आसपास करीब दो किलोमीटर तक घनी आबादी नहीं है.

हालांकि, घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक प्राथमिक विद्यालय है. नदी किनारे का दृश्य अच्छा होने के कारण लोग यहां अक्सर रुककर तस्वीरें खींचते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शाम के बाद आबादी कम होने के कारण यह इलाका काफी सुनसान हो जाता है.

वीडियो सामने आते ही पुलिस ने की कार्रवाई
समस्तीपुर पुलिस को 23 सितंबर को वीडियो की जानकारी मिली. इसके बाद तकनीकी सत्यापन के जरिए घटनास्थल की पहचान की गयी और आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई शुरू हुई. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस ने वायरल वीडियो को साझा करने से बचने की अपील भी की है, ताकि पीड़िता की निजता प्रभावित न हो. बता दें, घटना के 24 घंटे के भीतर जिले से एक दूसरा वीडियो भी सामने आया था. दूसरा वीडियो मुसरीघरारी का बताया जा रहा है. हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है.

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