रांची: शराब घोटाला को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाले को लेकर राज्य सरकार की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सोशल मीडिया पर उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि झारखंड शराब घोटाला सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं बल्कि सत्ता संरक्षण में चलाया गया संगठित आर्थिक अपराध था.
खुल रहे हैं घोटाले की परत: बाबूलाल मरांडी
उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ और झारखंड के अंतर्राज्यीय शराब माफिया और सत्ता के करीबी लोगों की मिलीभगत से जनता की गाढ़ी कमाई को खुलेआम लूटा गया. ACB इस मामले को दबाने की चाहे जितनी कोशिश करे लेकिन ईडी की कार्रवाई रुकने वाली नहीं है. केंद्रीय एजेंसियां लगातार इस घोटाले की परत खोल रही हैं और अब सच धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के सामने आ रहा है.
झारखंड के भविष्य के साथ विश्वासघात: बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शराब कारोबारी अनवर ढेबर की 1000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति ईडी द्वारा जब्त की जा चुकी है, जो इसी शराब सिंडिकेट से अर्जित बताई जा रही है. बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि यह किसी से छिपा नहीं है कि अनवर ढेबर ने विनय चौबे के जरिए सत्ता के शीर्ष तक पहुंच बनाकर झारखंड में शराब घोटाले की पूरी स्क्रिप्ट लिखी थी. मेरे बार-बार विरोध और चेतावनी के बावजूद शराब माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए हेमंत सरकार ने शराब नीति में बदलाव करके झारखंड की जनता को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का काम किया है.
झारखंड के भविष्य के साथ विश्वासघात
उन्होंने आगे कहा कि यह घोटाला सिर्फ पैसे की लूट नहीं बल्कि झारखंड के भविष्य के साथ विश्वासघात है. गरीबों के विकास, युवाओं के रोजगार और राज्य की बुनियादी जरूरतों का पैसा, शराब माफियाओं की जेब में पहुंचाया गया है. सत्ता के संरक्षण में चल रहे इस खेल का हर किरदार अब कानून के घेरे में आएगा.
सोशल मीडिया पर पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन जी आप चाहे जितनी राजनीतिक ढाल खड़ी कर लें, जनता की गाढ़ी कमाई लूटकर बच निकलना अब संभव नहीं है. झारखंड की जनता सब देख रही है और समझ रही है. जनता के पैसे की लूट का एक-एक हिसाब देना होगा और न्यायालय आखिर में दोषियों को उनके कृत्यों की कठोर सजा देकर ही रहेगा.










