जिला में जल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. इसी क्रम में मंगलवार 16 दिसंबर को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न जलाशयों (वॉटर बॉडीज) में हो रहे अतिक्रमण को पूरी तरह हटाने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस एवं समयबद्ध कार्य योजना तैयार करना रहा.
इस बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची उत्कर्ष कुमार, अपर समाहर्ता रांची रामनारायण सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वर नाथ आलोक सहित सभी संबंधित अंचल अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित रहे. उपायुक्त ने जिले के प्रमुख जलाशयों—कांके डैम, हटिया डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी सहित अन्य तालाबों और जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की. इस दौरान अधिकारियों से अतिक्रमण की स्थिति, अब तक की गई कार्रवाई और आगे की रणनीति पर विस्तृत जानकारी ली गई.
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जलाशयों के आसपास अवैध अतिक्रमण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही अपर समाहर्ता को सभी अंचल अधिकारियों के लिए निरीक्षण रोस्टर तैयार करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया. बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजस्व नक्शे के अनुसार जलाशयों की मूल सीमा को चिह्नित कर अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र को सुरक्षित किया जाए.
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. अतिक्रमण से न केवल जल भंडारण क्षमता प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर पर्यावरण और भूजल स्तर पर भी पड़ता है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि रांची जिले के सभी जलाशयों को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण मुक्त किया जाए तथा भविष्य में इनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की ठोस व्यवस्था की जाए.
इस बैठक के अंत में जिला प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई। लोगों से अनुरोध किया गया कि वे जलाशयों के आसपास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें. जल संरक्षण अभियान में प्रशासन का साथ दें ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोत सुरक्षित रखे जा सकें.










