रांची HEC पर डबल संकट: केंद्र ने रोकी मदद, 250 क्वार्टरों से अवैध कब्जा हटाने की तैयारी

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रांची स्थित देश के प्रमुख उद्योगों में से एक ‘हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन’ (HEC) को उबारने के लिए आर्थिक मदद की उम्मीद कर रहे कर्मचारियों को केंद्र सरकार से बड़ा झटका लगा है. भारी उद्योग मंत्रालय ने एचईसी को किसी भी तरह की वित्तीय सहायता (आर्थिक सहयोग) देने से साफ इनकार कर दिया है. मंत्रालय ने एचईसी प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे अपने ही संसाधनों से कार्यशील पूंजी (Working Capital) जुटाएं और कर्मचारियों के बकाया वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों के एरियर का भुगतान करें.

अधिकारियों के 34 महीने का वेतन बकाया
मंत्रालय से मिले इस निर्देश के बाद एचईसी प्रबंधन ने यूनियनों को पत्र भेजकर अपनी गंभीर वित्तीय स्थिति का हवाला दिया है. प्रबंधन का कहना है कि कंपनी वर्तमान में भारी आर्थिक तंगी से गुजर रही है, इसलिए फिलहाल बकाये का भुगतान करने में वे पूरी तरह असमर्थ हैं. प्रबंधन के अनुसार, जब कंपनी का उत्पादन बढ़ेगा और वित्तीय स्थिति सुधरेगी, तभी चरणबद्ध तरीके से बकाये का भुगतान संभव हो पाएगा. हटिया कामगार यूनियन के अनुसार, एचईसी के अधिकारियों का पिछले 34 महीनों से और कर्मचारियों का 30 महीनों से वेतन अटका हुआ है. इसके अलावा, जून 2018 से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का रिटायरमेंट ड्यूज (Gratuity & PF) और अप्रैल 2017 से लीव सैलरी का भुगतान भी नहीं हुआ है.

एचईसी आवासों पर अवैध कब्जे पर कड़ा एक्शन
एक तरफ जहां एचईसी आर्थिक संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ एचईसी नगर प्रशासन विभाग ने आवासीय परिसर (क्वार्टरों) में हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. हालिया सर्वे में सामने आया है कि लगभग 250 विभिन्न टाइप के क्वार्टरों पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. प्रशासन द्वारा ऐसे सभी अवैध कब्जाधारियों को नोटिस भेजा जा रहा है और 15 दिनों के भीतर क्वार्टर खाली करने की मोहलत दी गई है. तय सीमा में आवास खाली न करने पर प्रबंधन बलपूर्वक क्वार्टर खाली कराएगा और इस पूरी कार्रवाई में आने वाला खर्च भी अवैध रूप से रह रहे लोगों से ही वसूला जाएगा.

यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी
भारी उद्योग मंत्रालय के इस फैसले के बाद एचईसी के मजदूर संघों में भारी असंतोष व्याप्त है. हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि एचईसी केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए बकाया भुगतान और कंपनी को बचाने के लिए वे जल्द ही अदालत (कोर्ट) का दरवाजा खटखटाएंगे और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन भी करेंगे. वहीं, रांची के विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि एचईसी एक मदर इंडस्ट्री है और इसे बचाने के लिए राज्य व केंद्र सरकार दोनों को मिलकर सकारात्मक पहल करनी होगी. इस पूरे मुद्दे पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा है कि उन्हें फिलहाल मंत्रालय के इस पत्र की पूरी जानकारी नहीं है और वे स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही कुछ कह पाएंगे.

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