सीबीएसई ने दसवीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा कर दी है, जिसमें झारखंड की राजधानी रांची के डीपीएस स्कूल की छात्रा प्रण्या प्रिया ने 99.6% अंक प्राप्त कर राज्य में टॉप किया है. प्रण्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी विशेष रणनीति और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है.
डिजिटल पढ़ाई और सेल्फ स्टडी पर फोकस
प्रण्या ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए कोई ट्यूशन नहीं लिया. उन्होंने अपने डाउट्स क्लियर करने के लिए यूट्यूब और डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी इस्तेमाल किया. वे रोजाना केवल 4 घंटे मन लगाकर पढ़ती थीं. प्रण्या के अनुसार, “कॉन्सेप्ट की स्पष्टता बहुत जरूरी है. मैंने स्कूल में खाली समय का सदुपयोग किया और जो टॉपिक समझ में नहीं आते थे, उनके लिए शिक्षकों की मदद ली.”
सोशल मीडिया और रील से दूरी
प्रण्या ने पढ़ाई के दौरान अनुशासन का पूरा ध्यान रखा। उन्होंने बताया कि वे सोशल मीडिया का उपयोग केवल कठिन टॉपिक्स को समझने के लिए करती थीं. जैसे ही टॉपिक क्लियर होता, वे तुरंत फोन बंद कर देती थीं ताकि ध्यान न भटके और वे रील बाजी के जाल में न फंसें।
संगीत और मनोरंजन से खुद को रखा रिफ्रेश
तनाव मुक्त रहने के लिए प्रण्या ने संतुलन को जरूरी बताया. उन्हें गाने सुनना और फिल्में देखना पसंद है. उन्होंने कहा, “दिमाग को रिफ्रेश करने के लिए मैं रोजाना 30-45 मिनट संगीत सुनती थी या कोई छोटी वेब सीरीज देख लेती थी. वीकेंड पर फिल्में भी देखती थी, लेकिन पढ़ाई के समय मेरा पूरा फोकस केवल किताबों पर होता था.”
त्योहारों का भरपूर आनंद
लंबी तैयारी के दौरान ‘बर्नआउट’ से बचने के लिए उन्होंने ब्रेक के महत्व पर जोर दिया. प्रण्या ने दिवाली और होली जैसे त्योहारों को बिना पढ़ाई के तनाव के पूरे उत्साह के साथ मनाया। उनका मानना है कि त्योहारों पर लिया गया ब्रेक दिमाग को फिर से तरोताजा कर देता है.
डॉक्टर बनने का सपना
प्रण्या भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं और अब वे नीट (NEET) की तैयारी में जुटेंगी .उनके पिता रिम्स (RIMS) में डॉक्टर हैं और मां गृहिणी हैं. प्रण्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग और स्कूल के शिक्षकों के निरंतर प्रोत्साहन को दिया है.










