पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने की घटना को लेकर राजनीतिक हलकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। बीजेपी प्रवक्ता अजय शाह ने इस मामले पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है और हर किसी के मन में एक ही सवाल है इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हो गई?
शाह ने आरोप लगाया कि अस्पताल में संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने के कारण छह मासूम बच्चे HIV पॉजिटिव हो गए। उन्होंने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इलाज कराने आए बच्चे अब आजीवन इस बीमारी से जूझने को मजबूर हैं। यह केवल एक चिकित्सकीय लापरवाही नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी है।
बीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि घटना के बाद पार्टी ने लगातार स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से जवाब मांगा, लेकिन मंत्रालय की ओर से टालमटोल और भ्रामक जवाब दिए गए। अजय शाह ने कहा, मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन अब जो तथ्य सामने आए हैं, वे बताते हैं कि यह गलती किसी नर्स या डॉक्टर की नहीं, बल्कि सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी है।
उन्होंने दावा किया कि चाईबासा की यह घटना राज्य के अन्य जिलों में भी दोहराई गई। शाह के अनुसार, रांची में छह और कोडरमा में एक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे के HIV पॉजिटिव पाए जाने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि कोडरमा का वह बच्चा दस वर्षों से नियमित इलाज करा रहा था, लेकिन हाल ही में उसे संक्रमित रक्त चढ़ा दिए जाने की बात सामने आई। “अब वह बच्चा भी HIV पॉजिटिव हो गया यह सिस्टम की घोर विफलता है, शाह ने कहा।
बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि भारत सरकार ने वर्ष 2021 में ही राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी कि झारखंड के कई ब्लड बैंकों में नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा, केंद्र की चेतावनी के बावजूद राज्य सरकार ने सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, जिसका परिणाम आज मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।









