रांचीः पेयजल योजनाओं को पूरा करने में हो रही देरी और कई योजनाओं के बंद पड़े रहने पर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कड़ी नाराजगी जताई है.
मंगलवार को विश्वा सभागार में रांची पूर्व, रांची पश्चिम और खूंटी प्रमंडल की समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि पेयजलापूर्ति जैसे बुनियादी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. काम में शिथिलता बरतने वाले संवेदकों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी. मंत्री ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को दिसंबर 2026 तक सभी क्लस्टर और सिंगल विलेज स्कीम (SVS) की योजनाएं पूरी कराने का निर्देश दिया.
इस बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति, अधूरे निर्माण, बंद पड़ी पेयजलापूर्ति योजनाओं और भुगतान के बावजूद सुचारु रूप से काम नहीं करने वाली योजनाओं की समीक्षा की गई. मंत्री ने अधिकारियों और संवेदकों से योजनावार जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए.
15 दिनों में देनी होगी जांच रिपोर्ट
SVS योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कमेटी गठित की जाएगी. संयुक्त कमेटी सभी योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेगी. इसमें निर्माण की स्थिति, कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और संचालन में आ रही समस्याओं की जांच होगी। कमेटी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
काम नहीं करने वाले संवेदकों को नोटिस
मंत्री ने कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि काम नहीं करने वाले संवेदकों को लीगल नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करें. जिनकी योजनाएं बंद हैं या निर्धारित समय में पूरी नहीं हुई हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी. वहीं, लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी.
हर घर जल का सत्यापन जल्द पूरा करने का निर्देश
अधिकारियों को दिसंबर तक सभी क्लस्टर और SVS योजनाएं पूरी कराने के साथ बचे हुए गांवों में हर घर जल का सत्यापन जल्द पूरा करने को कहा गया. कार्यशील पेयजल योजनाओं के लिए कनीय और सहायक अभियंताओं को ग्रामीणों के साथ बैठक कर जलकर वसूली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
इस बैठक में विभागीय सचिव अबु इमरान और अभियान निदेशक शशि रंजन समेत रांची और खूंटी के वरीय अधिकारी, अभियंता तथा संबंधित संवेदक मौजूद रहे.










