नगर निकाय चुनाव में जमशेदपुर पुलिस के रिकॉर्ड में फरार चल रही ममता देवी मानगो नगर निगम के वार्ड नंबर 32 से वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ रही हैं. ममता देवी पर गंभीर आपराधिक मामला दर्ज है और वे लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर हैं. इसके बावजूद उनका नाम चुनावी मैदान में होना कई सवाल खड़े कर रहा है.
पति समेत वर्षों से फरार है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ममता देवी और उनके पति विनय सिंह पिछले कई वर्षों से फरार चल रहे हैं. जमशेदपुर कोर्ट की ओर से दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा चुका है. इतना ही नहीं, कोर्ट की ओर से धारा 82 और 83 कार्रवाई और कुर्की-जब्ती का आदेश जारी है. उनके खिलाफ संपत्ति जब्ती से संबंधित नोटिस भी जारी है.
मामला अभी भी न्यायालय में लंबित
यह आपराधिक मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है. केस की अगली सुनवाई की तिथि 25 फरवरी तय की गई है. इसके बावजूद चुनाव प्रक्रिया के दौरान आरोपी महिला का नामांकन और चुनाव लड़ना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है.
2015 में दर्ज हुआ था केस
जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब 11 साल पुराना है. वर्ष 2015 में जमशेदपुर के तत्कालीन डीएसपी अशोक कुमार सिंह ने ममता देवी और उनके पति विनय सिंह के खिलाफ शिकायतवाद दर्ज कराया था. यह मामला ट्रक के चक्का समेत अन्य उपकरणों की खरीद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. आरोप है कि इस खरीद प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितता की गई थी.
महिला के पति ने आरोप पर दी सफाई
इधर, ममता देवी के पति विनय सिंह ने पूरे मामले को लेकर सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि शिकायतकर्ता अशोक कुमार सिंह को वह काफी राशि लौटा चुके हैं. विनय सिंह का दावा है कि भुगतान से जुड़े प्रमाण उनके पास मौजूद हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राशि अभी बकाया है, जिसे लौटाने को लेकर शिकायतकर्ता से बातचीत हो चुकी है.
भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े हैं विनय सिंह
गौरतलब है कि विनय सिंह वर्तमान में भाजपा किसान मोर्चा के सरायकेला-खरसावां जिला प्रभारी के पद पर हैं. ऐसे में राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं. फरार घोषित दंपती से जुड़े इस चुनावी मामले ने झारखंड के शहरी निकाय चुनाव की पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.










