रांची: झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर सेवा में होने का प्रमाण देने का निर्देश देते हुए विज्ञापन जारी किया है.
स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला के हस्ताक्षर से विज्ञापन नोटिस में वैसे चिकित्सकों के नाम और उनके अन्य डिटेल के साथ सूची जारी किया है. पहले से भी झारखंड में बिना बताए सेवा से डॉक्टरर्स गायब रहे हैं और उनपर कार्रवाई भी होती रही है. यह पहला मौका होगा जब इतनी बड़ी संख्या में गायब डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी में विभाग है.
स्वास्थ्य विभाग की वरीयता सूची के अनुसार, राज्य में कुल 695 चिकित्सक लंबे समय से ड्यूटी से लंबे दिनों से गायब पाए गए है.
इनमें से 631 डॉक्टरों को नोटिस देकर 15 दिन का समय दिया गया है कि वे वर्तमान में सेवारत होने का अपनी ओर से साक्ष्य विभाग को दें. अन्य 64 अन्य डॉक्टरों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. यदि निर्धारित समय सीमा के अंदर सूची में जारी चिकित्सक अपनी ओर से साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इनकी सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.
लंबे दिनों से ड्यूटी से गायब डॉक्टरों पर कार्रवाई से झासा को कोई आपत्ति नहीं- डॉ बिमलेश सिंह
झारखंड में सरकारी डॉक्टर के सबसे बड़े संगठन झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विस एसोसिएशन यानी झासा के अध्यक्ष डॉक्टर बिमलेश सिंह ने कहा कि सेवा से लंबे दिनों से गायब डॉक्टर को अगर हटाने की कार्रवाई विभाग की ओर से की जाती है तो उस पर को कोई आपत्ति नहीं है. क्योंकि ऐसे डॉक्टरों को हटाकर नए डॉक्टरों की बहाली से राज्य में चिकित्सा सेवा बेहतर ही होगी.
उन्होंने कहा कि यहां सिर्फ ध्यान इस बात पर देना जरूरी है कि अगर सरकार द्वारा जारी सूची में ऐसे भी चिकित्सक का नाम है जो लगातार सेवा में है और मरीज का इलाज कर रहे हैं उन पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. इसके लिए झासा ने अपने सभी चिकित्सकों से आह्वान किया है कि वह अपना-अपना नाम सूची में देख लें अगर कहीं कोई गड़बड़ी है तो उसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को और झासा को दें.










