बिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड से अभी भी राहत नहीं मिल रही है। पटना मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी गुरुवार को भी बिहार में कोल्ड-डे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से आ रही बर्फीली पछुआ हवाओं ने पूरे बिहार को अपनी आगोश में ले लिया है। आलम यह है कि मधुबनी को छोड़ प्रदेश के 37 जिलों में पारा 10 डिग्री के नीचे लुढ़क गया है। राजधानी पटना में कोहरे का कहर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। गुरुवार सुबह पटना में विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई, जिससे सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कई इलाकों में ओस की इतनी सघनता थी कि सड़कों पर बारिश जैसा अहसास हुआ। कोहरे की मार विमान सेवा और ट्रेनों पर भी पड़ी है।
एयर फ्लाइट्स भी प्रभावित
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सबसे ठंडा जिला भागलपुर रहा जहां का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं गया, छपरा, शेखपुरा और किशनगंज में पारा सात डिग्री तक पहुंच गया। राजधानी पटना का न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना में ओस की बूंदें भी बारिश की तरह गिरती नजर आई। इस वजह से हवाई सफर भी प्रभावित रहा। पटना एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के कारण पांच जोड़ी उड़ानें रद्द कर दी गई, जबकि 22 फ्लाइट्स विलंब से उड़ी।
पछुआ हवाओं ने बढ़ाई कनकनी, 30km की रफ्तार से चलेगा सर्द झोंका
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी के कारण बर्फीली हवाएं सीधे मैदानी राज्यों की ओर आ रही हैं। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि अगले 24 घंटों में बिहार के कई जिलों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी। इससे धूप निकलने के बावजूद लोगों को ठिठुरन महसूस होगी। अगले तीन से चार दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि खुले मैदानों, हाईवे और खेतों के आसपास ठंड का असर शहरों के मुकाबले कहीं अधिक रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने बढ़ती कनकनी और शीतलहर को देखते हुए बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को मौसम बाहर निकलते समय कान और छाती को पूरी तरह ढक कर रखने की सलाह दी है।










