बिहार के बीरपुर एयरपोर्ट के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हो गई है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने बीरपुर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमान संचालन के अनुकूल बनाने के लिए टेंडर जारी किया है. 28.42 करोड़ की लागत से रनवे, टैक्सीवे, एप्रन और अन्य जरूरी एयरसाइड बुनियादी ढांचे का विकास होगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर यह जानकारी दी है.
सीएम सम्राट ने एक्स पर क्या-क्या लिखा?
सीएम ने एक्स पर लिखा, ’10 मार्च 2026 को जारी 36.38 करोड़ रुपये की निविदा, जिसके अंतर्गत प्री-फैब्रिकेटेड टर्मिनल भवन, प्री-इंजीनियर्ड एटीसी टावर, प्री-इंजीनियर्ड फायर स्टेशन और अन्य विमानपत्तन भवनों का निर्माण किया जाना है, का कार्य भी संवेदक को आवंटित कर दिया गया है’.
आगे उन्होंने लिखा, ‘इस प्रकार, उड़ान (RCS-UDAN) योजना के अंतर्गत बीरपुर हवाई अड्डे के विकास पर कुल 64.80 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे कोसी क्षेत्र में हवाई संपर्क सुदृढ़ होगा और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी’.
बीरपुर एयरपोर्ट का विकास होने से कोसी-सीमांचल क्षेत्र को काफी फायदा हो सकेगा. अभी सुपौल, अररिया, मधेपुरा या फिर सीमांचल के किसी भी जिले के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए पटना या बागडोगरा पर निर्भर होना पड़ता है. लेकिन बीरपुर एयरपोर्ट से जब विमान उड़ान भरने लगेंगे तब लोगों को काफी हद तक सहूलियत मिल सकेगी.
इसके साथ ही यह एयरपोर्ट भारत-नेपाल बॉर्डर के पास होने के कारण प्रशासनिक नजरिए से मददगार साबित होने वाला माना जाएगा. बीरपुर एयरपोर्ट का विकास होने से एयर कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को बढ़ावा, पर्यटन को बढ़ावा, निवेश को बढ़ावा और इसके आस-पास के जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत हो सकेगा.










