रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। 10 अगस्त को रांची में छात्र प्रदर्शन और पुलिस लाठीचार्ज के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे विवाद को ‘मकड़जाल की तरह बुना गया षड्यंत्र’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है और उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों, विशेष रूप से IIT जैसी संस्थाओं से विशेषज्ञ सलाह लेगी। कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और निष्पक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
परीक्षा कराने वाली कंपनी पर भी उठाए सवाल
परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित कंपनी उत्तर प्रदेश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा विवाद को विपक्ष ने एक ‘मकड़जाल’ की तरह बुना है और इसके पीछे षड्यंत्र है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद JPSC-JSSC परीक्षा विवाद के राजनीतिक रंग और गहराने के संकेत हैं। अब यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच सीधे टकराव का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
लाठीचार्ज पर सरकार का बचाव, बोले- प्रशासन ने बरता संयम
10 अगस्त को रांची में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रशासन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने धैर्य और संयम का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदर्शनकारी उस इलाके तक पहुंच गए थे, जहां पूरे साल धारा 144 लागू रहती है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने में संयम बरता।
‘गेरुआ पहनकर दिग्भ्रमित करने वाले अब छात्रों का चोला पहन रहे’
विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जो लोग गेरुआ वस्त्र पहनकर दुनिया को दिग्भ्रमित करते हैं, वे अब छात्रों का चोला पहन रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यही लोग सदन की गरिमा को तार-तार करते हैं और बाद में लोकतंत्र की दुहाई देते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद छात्र आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
‘जेब में नोटों के बंडल, लोकतंत्र खरीदना चाहते हैं’
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेताओं की जेब में नोटों के बंडल हैं और वे लोकतंत्र को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।
अयोध्या में मंदिर निर्माण के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अयोध्या के मंदिर के मुद्दे को भी राजनीतिक विवाद से अछूता नहीं छोड़ा।
सरकार का दावा- छात्रों की अधिकांश मांगें मानी गईं
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। उनके अनुसार छात्रों की अधिकांश मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और कुछ परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला भी लिया गया है।
सरकार अब परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों की विशेषज्ञ राय लेने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इसका उद्देश्य ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिस पर छात्रों का भरोसा बढ़े और भविष्य में विवाद की स्थिति न बने।










