रांची: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा आंदोलन के दौरान धरने पर बैठे छात्रों के लिए मुफ्त बिरयानी और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था कर चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद उर्फ ‘जुनैद भाई’ गुरुवार को झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे. उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया. धरना स्थल पर पहुंचते ही छात्रों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली.
मीडिया से बातचीत में जुनैद ने कहा कि देश में जहां भी छात्र अपने अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे, वह उनके समर्थन में पहुंचने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को मजबूती देना उनकी प्राथमिकता है. जुनैद ने कहा, “मैं यहां किसी सरकार के पक्ष या विपक्ष में बोलने नहीं आया हूं. मैं केवल छात्रों के मुद्दों पर बात करने आया हूं. छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और मेरा समर्थन उनके साथ है.”
उन्होंने कहा कि लोग उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन के बाद पहचानने लगे, लेकिन उनका छात्र आंदोलनों से जुड़ाव नया नहीं है. “मेरा पदार्पण अचानक जंतर-मंतर से नहीं हुआ. मैं लंबे समय से कॉलेज स्तर पर छात्रों की विभिन्न समस्याओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष करता रहा हूं. जंतर-मंतर पर मेरा वायरल होना सिर्फ एक इत्तेफाक था, लेकिन छात्र हित में काम करना मेरे जीवन का हिस्सा रहा है.”
जुनैद ने कहा कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है. यदि किसी राज्य में छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं तो समाज को उनके साथ खड़ा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान निकालना सरकारों की जिम्मेदारी है.
मीडिया द्वारा दिल्ली आंदोलन के दौरान उनके साथ हुए कथित घटनाक्रम और प्रताड़ना से जुड़े सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह इस मंच से उन विषयों पर चर्चा नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, “सरकार क्या कर रही है और मेरे साथ क्या हुआ, उस पर मैं यहां बात नहीं करूंगा. मैं केवल छात्रों के मुद्दे पर बात करने आया हूं.”
हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि छात्र हितों के लिए आवाज उठाने के कारण उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. उन्होंने कहा, “मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है, लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. सरकार किसी की भी हो, मैं छात्र हित से जुड़े मुद्दों को उठाता रहूंगा और छात्रों के साथ खड़ा रहूंगा.”
जुनैद के रांची पहुंचने से आंदोलनरत छात्रों में उत्साह देखने को मिला. आंदोलन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से मिल रहा समर्थन उनके हौसले को और मजबूत कर रहा है. वहीं, आंदोलन के बीच जुनैद की मौजूदगी को छात्र एकजुटता और राष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे समर्थन के रूप में देखा जा रहा है.










