धनबाद के गोसाईंडीह स्थित अपर्णा पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को 8वीं कक्षा के कुछ छात्रों की शरारत ने बड़ा रूप ले लिया। इन बच्चों ने स्कूल के शौचालय में पटाखा फोड़ दिया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने इसे “बम धमाका” बताकर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और चार छात्रों को थाने ले गई। तीन अन्य छात्रों को, जो घर चले गए थे, बाद में थाने बुलाया गया। सभी बच्चों को थाने के सभागार में अलग रखा गया, जहां अभिभावकों को बुलाकर उनसे बांड भरवाया गया।
अभिभावकों का आरोप
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों ने केवल शरारत में पटाखा फोड़ा, लेकिन स्कूल प्रबंधन और पुलिस ने उनसे अपराधियों जैसा सलूक किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल ने बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और बम फोड़े जाने की बात साबित नहीं कर सका। पूर्व बांड मुखिया सुभाष गिरि ने अभिभावकों की ओर से बांड भरने की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद बच्चों को घर भेजा गया।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल के प्राचार्य अनुपम नायक ने कहा कि बच्चों ने पटाखा नहीं, बल्कि बम फोड़ा था, जिससे एक बच्चा बेहोश हो गया और एक शिक्षक घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि स्कूल में अनुशासन बनाए रखने के लिए कार्रवाई आवश्यक थी।
प्राचार्य के अनुसार, धमाके की आवाज सुनकर पुलिस खुद स्कूल पहुंची थी।
पुलिस और प्रशासनिक बयान
थाना प्रभारी विष्णु कुमार राउत ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने “बम फटने” की सूचना दी थी, जिसके बाद बच्चों को कानूनन प्रक्रिया के तहत थाने लाया गया।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अलग कमरे में रखा गया और पूछताछ शालीन तरीके से की गई। एसएसपी प्रभात कुमार ने भी स्पष्ट किया कि बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार जरूरी है, और अगर किसी तरह की लापरवाही या दुर्व्यवहार हुआ है तो उसकी जांच कराई जाएगी।










