ऑस्ट्रेलिया के बाद अब मलेशिया भी नाबालिग बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलेशिया सरकार अगले साल से 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोलने से रोक सकती है. यह फैसला बच्चों को ऑनलाइन अपराधों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े खतरों से बचाने के उद्देश्य से लिया जा रहा है.
मलेशिया के संचार मंत्री फहमी फदजिल ने इतवार (23 नवंबर ) की देर शाम बताया कि सरकार ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों के मॉडल का अध्ययन कर रही है, जहां बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल पर उम्र आधारित पाबंदियां लागू की गई हैं. फहमी फदजिल ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रहे साइबरबुलिंग, फाइनेंशियल फ्रॉड, ऑनलाइन सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन और अन्य साइबर अपराधों को रोकने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है.
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया का बढ़ता खतरा
मलेशिया की स्थानीय मीडिया द स्टार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2025 तक सभी सोशल मीडिया कंपनियां इस नीति का पालन करेंगी, इसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को अकाउंट खोलने की इजाजत नहीं देंगी. दुनिया भर में बच्चों की मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर सोशल मीडिया के असर को लेकर चिंता बढ़ रही है.
टिकटॉक, स्नैपचैट, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर अनकंट्रोल्ड कंटेंट, तुलना की प्रवृत्ति, गलत प्रभाव और साइबरबुलिंग बच्चों को प्रभावित कर रही है. अमेरिका में कई राज्यों में गूगल, मेटा, टिकटॉक जैसी कंपनियों पर केस चल रहे हैं. उन पर आरोप है कि उनकी नीतियों और एल्गोरिदम के कारण बच्चों में मानसिक तनाव, अवसाद और अन्य मनोवैज्ञानिक समस्याओं में बढ़ोतरी हुई है.
मलेशिया ने ली ऑस्ट्रेलिया से सीख
ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यह घोषणा की है कि अगले महीने से 16 साल से कम उम्र के सभी सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट खुद ही डीएक्टिवेट कर दिए जाएंगे. यह दुनिया में सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाए गए सबसे कड़े प्रतिबंधों में से एक माना जा रहा है. अब दुनिया की निगाह मलेशिया के फैसले पर टिकी है कि वह इस कदम को कितनी सख्ती से लागू करेगा.
मलेशिया हाल के दिनों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहा है. सरकार का कहना है कि देश में ऑनलाइन जुआ, धार्मिक और नस्लीय नफरत फैलाने वाले पोस्ट, हिंसक कंटेंट और हानिकारक वीडियो तेजी से बढ़ रहे हैं. नए नियमों के मुताबिक, मलेशिया में 8 मिलियन से ज्यादा यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ऐप्स को लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है. यह नियम जनवरी 2024 से लागू है और सरकार का मानना है कि इससे ऑनलाइन स्पेस में नियंत्रण और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी.










