उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब क्षेत्र के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण वायुमंडल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया है। इस मौसम प्रणाली का प्रभाव उत्तर भारत के व्यापक हिस्से में देखने को मिल रहा है। हालांकि यह सिस्टम सीधे तौर पर झारखंड के ऊपर सक्रिय नहीं है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर राज्य के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पछुआ हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे ठंड के तेवर कुछ नरम हुए हैं। राज्य में जारी कड़ाके की ठंड से लोगों को आंशिक राहत मिली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर रांची समेत झारखंड के अधिकांश जिलों में देखा जा रहा है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है।
मौसम में आए इस बदलाव के चलते सुबह और रात की ठंड में कमी महसूस की जा रही है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।










