चक्रवात अर्नब का असर झारखंड में दिखने लगा है. चाईबासा में झमाझम बारिश शुरू हो गई है. मौसम विभाग ने राज्य के नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. रांची समेत राज्य के दूसरे हिस्सों में भी बूंदा–बांदी शुरू हो गई है.
रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की आशंका है. कई इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं. अन्य जिलों में भी मौसम बिगड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
29 अक्टूबर को बारिश का असर और तेज हो सकता है. मौसम विभाग ने बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी दी है. लोगों को सतर्क रहने और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों व पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है.
चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर ओडिशा के दक्षिणी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. ओडिशा सरकार ने सुरक्षा के मद्देनजर 30,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है. आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के अनुसार, चक्रवात अर्नब दोपहर बाद यह ओडिशा पहुंचेगा. चक्रवात के कारण राज्य के दक्षिणी जिले प्रभावित होंगे, जिनमें मलकानगिरी के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में बचाव कर्मियों और उपकरणों को तैनात कर दिया गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है.
अर्नब तूफान की वजह से दक्षिण भारत में भारी बारिश हो रही है. खराब मौसम के मद्देनजर इंडिगो एयरलाइंस ने राजमुंदरी, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम आने-जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने की बात कही है. इंडिगो ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ़्लाइट का स्टेटस चेक कर लें.
चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर पुडुचेरी में भी देखने को मिल रही है. यहां यानम में तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण कई जगहों पर पेड़ गिर गई हैं. एक बड़ा पेड़ भी सड़क पर गिर गया है, जिससे आसपास के तीन घर प्रभावित हुए हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची है और गिरे हुए पेड़ को हटाने का काम शुरू किया है.
इस संबंध में NDRF कमांडर ईश्वर राव गडे ने बताया कि तेज हवाओं के कारण बीती रात पेड़ गिर गया था. इसकी वजह से तीन घर प्रभावित हुए हैं. पेड़ को रास्ते से हटाने के लिए NDRF के 30 जवानों की टीम मौके पर तैनात है. उन्होंने बताया कि घटना में किसी की जान नहीं गई है. पेड़ गिरने से पहले ही घर में रहने वाले लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था. फिलहाल, NDRF की टीम पेड़ हटाने और रास्ता साफ करने में जुटी हुई है.
चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने स्थिति का जायजा लेने और विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक समीक्षा बैठक आयोजित की. जानकारी दी कि तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा (भुवनेश्वर सहित) से आने-जाने वाली उड़ानें सर्वाधिक प्रभावित हो सकती हैं.
MoCA बताया कि हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर की उड़ानों में देरी हो सकती है. मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए AAI, DGCA, BCAS, IMD, एयरलाइन और एयरपोर्ट ऑपरेटरों, NDRF, तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों जैसे विभिन्न हितधारकों के बीच आपसी समन्वय पर जोर दिया है.
बता दें कि तूफान अर्नब आज बुधवार सुबह पुडुचेरी के यानम और आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के बीच लैंडफॉल कर गया. लैंडफॉल के समय चक्रवात की गति 125-135 किमी प्रति घंटा थी, जबकि हवा के झोंके 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रहे थे. रात 1:20 बजे लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई, जो सुबह करीब 5 बजे पूरी हुई.
तटीय इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की खबर है. निचले इलाकों में जलभराव हो गया है. विशाखापत्तनम में सबसे ज्यादा 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गयी है.










