पटना की बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को महज 34.31 प्रतिशत वोटिंग हुई. यह पिछले नवंबर में हुए चुनाव (41.35 प्रतिशत) से करीब सात प्रतिशत कम है. इतना ही नहीं, आंकड़ों पर नजर डालें तो, इस बार पिछले चार चुनावों में सबसे कम वोटिंग हुई है. 2020 जो कि कोरोना महामारी का समय था, उस वक्त भी इस बार से ज्यादा प्रतिशत वोटिंग हुई थी.
किस साल कितने प्रतिशत हुई वोटिंग?
आंकड़ों की बात करें तो, 2010 में 36.96%, 2015 में 40.24%, 2020 में 35.91% और 2025 में 41.35% प्रतिशत वोटिंग हुई थी. जबकि इस बार वोटिंग प्रतिशत सिर्फ 34.31 में ही सिमटकर रह गई. इन आंकड़ों को देखते हुए अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इसकी वजह क्या रही और इस तरह के वोटिंग प्रतिशत से किसी पार्टी को फायदा हुआ या नहीं.
कम वोटिंग प्रतिशत की क्या हो सकती है वजह?
वोटिंग प्रतिशत कम होने को लेकर कई तरह की वजहें सामने आईं. मतदान वाले दिन कई वोटर्स के ओपिनियन सामने आए. उनमें से कुछ का यह कहना था कि बांकीपुर विधानसभा में रहने वाले कई लोग जिले से बाहर रहते हैं. चाहे वे रोजगार के मकसद से रह रहे हो या फिर पढ़ाई के. ऐसी स्थिति दोनों ही चीजें जरूरी होने की वजह से कई लोग वोट डालने के लिए घर लौटे ही नहीं.
इतना ही नहीं, कई वोटर्स ने रूचि ही नहीं दिखाई. वोटिंग के लिए बने कई बूथों पर सुबह-सुबह मात्र एक-दो लोग ही मतदान के लिए पहुंचे थे. दोपहर के वक्त लोग थोड़ी ज्यादा संख्या में घर से निकले और मतदान किए लेकिन अचानक जब बारिश हुई तो फिर वोटिंग स्लो हो गई. इस तरह से कई वजहें कम वोटिंग प्रतिशत की मानी जा रही है.
कितने बजे तक कितनी हुई वोटिंग?
30 जुलाई को शाम 6 बजे तक हुई वोटिंग के बाद 25 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई. टोटल 422 बूथों पर वोटिंग हुई. सुबह 9:00 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 4.61 रहा. इसके बाद 11:00 बजे तक 11.50%, दोपहर 1:00 बजे तक 20.01%, 3:00 बजे तक 27.90%, शाम 5:00 बजे तक 33.57% और 6:00 बजे तक 34.31% वोटिंग हुई.
3 अगस्त को होगी वोटिंग
गुरुवार की देर शाम सभी 422 मतदान केंद्रों से ईवीएम एएन कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाई गई. अब तीन अगस्त को मतों की गिनती होगी. सूत्रों के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक रिजल्ट घोषित कर दिए जायेंगे. मतगणना के लिए 14 टेबल की व्यवस्था की गई है. कुल 30 राउंड में वोटों की गिनती पूरी होगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण सीट खाली होने से यह उपचुनाव हुआ है.










