जेएससीए स्टेडियम 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले वनडे मुकाबले के लिए तैयार है. मैच से पहले पिच एक बार फिर चर्चा में है. क्यूरेटर और विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रांची की पिच बल्लेबाजों के लिए आदर्श साबित हो सकती है, खासकर पहली पारी में. शुरुआती ओवरों में गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है, लेकिन मध्य और अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी आसान होने की उम्मीद है.
जेएससीए के उपाध्यक्ष संजय पांडे के अनुसार, ग्राउंड एंड पिच कमेटी के हेड राजेश वर्मा ‘बॉबी’ के निर्देश पर बाहर से बुलाए गए क्यूरेटरों की देखरेख में विकेट तैयार किया गया है. उनका कहना है कि विकेट पर पर्याप्त नमी और बाउंस है, जिससे तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में मदद मिलेगी. लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, गेंद बल्ले पर बेहतर आएगी और रन बनाना आसान होगा.
आमतौर पर रांची की पिच संतुलित मानी जाती है, लेकिन साफ और शुष्क मौसम के कारण इस बार विकेट बल्लेबाजी के लिए अधिक अनुकूल दिख रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 280 से 300 रन का स्कोर खड़ा कर सकती है, जो दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए दबाव पैदा कर सकता है. यही कारण है कि इस मैच में टॉस काफी अहम साबित हो सकता है.
जेएससीए स्टेडियम में अब तक छह वनडे खेले गए हैं. इनमें भारत ने तीन मुकाबलों में जीत हासिल की है, जबकि दो में हार मिली है और एक मैच रद्द हुआ था. यहां आखिरी वनडे 9 अक्टूबर 2022 को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया था, जिसमें भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सात विकेट से जीत दर्ज की थी. इस इतिहास के आधार पर भारतीय टीम का पलड़ा इस बार भी भारी माना जा रहा है.
रांची पहुंचने के बाद गुरुवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों टीमों ने मुख्य मैदान पर अभ्यास किया. रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़ और तिलक वर्मा ने लगभग तीन घंटे तक नेट्स में बल्लेबाजी और फील्डिंग का अभ्यास किया. विराट कोहली ने लंबे शॉट्स खेलकर अपनी लय और आत्मविश्वास को परखा. दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने भी भारतीय परिस्थितियों में स्पिन और रिवर्स स्विंग से निपटने पर जोर दिया.










