रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किसानों को जलवायु परिवर्तन से खेती में होने वाले जोखिमों से तैयार रहने का आह्वान किया है. मंगलवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित तीन दिन कृषि-व्यापार मेले का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर तीन युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया. कई स्कीम के लाभुकों के बीच राशि का वितरण किया गया. सीएम ने कहा कि आने वाले समय में पानी की समस्या होने जा रही है. जल संचयन प्राथमिकता के तौर पर होना चाहिए. इसके लिए किसी सरकारी आदेश की जरूरत नहीं है. अभी पानी बचायेंगे तो आने वाली पीढ़ियां भी सुरक्षित रहेगी.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अच्छा काम करने वाले किसानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की. कहा कि मनुष्य तभी बचेगा, जब पानी और पेड़ पौधा होगा. हम लोगों ने धरती की छाती में बोरिंग कर छेद कर दिया है. अगर यही स्थिति रही तो आने वाली पीढ़ी माफ नहीं करेगी.
बदल रही है झारखंड की तस्वीर
श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड में बिरसा हरित ग्राम योजना हम लोगों ने ही शुरू की थी. वह फल देने लगा है. ढ़ाई लाख हेक्टेयर में आम की खेती हो रही है. यहां का आम अब इंग्लैंड जा रहा है. चार क्विंटल भेजा जा चुका है. 80 क्विंटल भेजने की तैयारी है. समय आ गया है कि झारखंड में खेती को और आगे ले जायें. जैविक खेती को बढ़ावा दें. कम से कम रसायन का उपयोग करें. किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे.
इनोवेशन का मौका
कृषि सचिव अब बक्कर सिद्दीख ने कहा कि मेले में करीब 200 स्टॉल लगाये गये हैं. इसमें देश के कोने-कोने से कंपनियां आयी है. इसमें किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है. आय वृद्धि का उपाय भी बताया जा रहा है. 13 विषयों पर सेमिनार और परिचर्चा का आयोजन भी होगा. इसमें हिस्सा लेने के लिए कृषि व संबद्ध विषयों से करीब 35 विशेषज्ञ आये हैं. इसमें किसानों को नवाचार सीखने का मौका भी मिलेगा. इस मौके पर ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, राज्यसभा सदस्य महुआ माजी, कांके के विधायक सुरेश बैठा, गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, बीएयू के कुलपति डॉ एसएन दुबे, सहकारिता निबंधक शशि रंजन, कृषि निदेशक बिद्यानंद शर्मा पंकज भी मौजूद थे.
कृषि की ना कोई जात ना धर्म
मुख्यमंत्री ने कहा कृषि कार्य ने लोगों को एक स्थान पर स्थिर होना सिखाया. इसका इतिहास 15 हजार करोड़ साल पुराना है. इसका ना कोई जात होता है ना धर्म. हम लोगों को कृषि पर सबसे अधिक गर्व होना चाहिए. आज देश दुनिया में कृषि के क्षेत्र में कई बदलाव हो रहे हैं. यह आयोजन नये बदलाव से किसानों को अवगत कराने का उद्देश्य है.
खूब ऋण लें किसान, सरकार उनके साथ
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार किसानों के साथ है. सरकार ने 4.50 लाख किसानों का ऋण माफ किया है. इस पर दो हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया है. किसानों को भी व्यापारियों की तरह ऋण लेना चाहिए. किसानों को पारंपरिक सोच से ऊपर उठने की जरूरत है. कृषि को व्यापार की तरह लेना चाहिए. अच्छी कमाई का जरिया बनाना चाहिए. आज भी मात्र 15 से 20 फीसदी किसान ही ऋण ले पा रहे हैं. मंत्री ने कहा कि राज्य में 2014 में 40 हजार लीटर प्रतिदिन दूध का संग्रहण होता था. आज 3.50 लाख लीटर प्रतिदिन हो रहा है. मछली उत्पादन में भी राज्य अच्छा काम कर रहा है.










