नवरात्रि का पहला दिवस: माँ शैलपुत्री के पूजन से करें शक्ति और शांति का आह्वान

Share this News:

शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस साल आज, सोमवार से शुरू हो चुका है। यह पर्व नौ दिनों तक चलेगा और 2 अक्टूबर को विजयादशमी होगा। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी।
पंचांग के अनुसार, अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को सुबह 1:23 बजे शुरू हो चुकी है और अगले दिन 23 सितंबर को सुबह 2:55 बजे समाप्त होगी। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है, जिसे शुभ मुहूर्त में ही किया जाता है।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पहला मुहूर्त: सुबह 6:09 बजे से सुबह 7:40 बजे तक।
दूसरा मुहूर्त : सुबह 9:11 बजे से सुबह 10:43 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक।

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। मान्यता ये है कि मां शैलपुत्री की उपासना करने से मन को शांति, स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, प्रजापति दक्ष ने एक भव्य यज्ञ का आयोजन किया था, जिसमें उन्होंने भगवान शिव और अपनी पुत्री सती को आमंत्रित नहीं किया। लेकिन सती एक बेटी के नाते पिता के यज्ञ में बिना बुलाए पहुंचीं, जहां उनका और शिवजी का अपमान किया गया। जिससे सती आहत हुई और उसने उसी हवनकुंड में कूदकर प्राण त्याग दिए। इसके बाद उन्होंने पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसलिए इन्हें मां शैलपुत्री कहा जाता है।

Share this News:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *