हेमंत कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाकर आंदोलित छात्रों की लगभग सभी मांगें सरकार द्वारा मान ली गयी. जिसके बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी, विधायक जयराम महतो आधी रात के बाद सदर अस्पताल पहुंचे. जहां ICU वार्ड में इलाजरत अनशनकारी देवेन्द्रनाथ महतो, हबीबा और राहुल क्रांतिकारी को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया.
रांची सदर अस्पताल के ICU-HDU वार्ड में 15 दिनों की भूख हड़ताल की वजह से हबीबा भर्ती हैं. झारखंड सरकार द्वारा छात्रों की मांगें मान लेने की खबर सोशल मीडिया पर हबीबा ने देखी तो उसके आंसू अनायास निकल पड़े. अपने भाई और अन्य सहयोगियों के साथ बनाये गए वीडियो में हबीबा खुद को संभालती हुई कहती हैं कि ये खुशी के आंसू हैं. उसने एक और खास बात वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से राज्यवासियों खासकर आंदोलित छात्रों युवाओं के साथ साझा किया वह बेहद मार्मिक उद्गार है.
हबीबा वीडियो में कह रही हैं कि उनकी मां ने उससे कहा था कि इस लड़ाई को जीत कर ही घर आना. बोकारो के कसमार की रहनेवाली हबीबा कहती हैं कि अमूमन माताएं ऐसा नहीं कहतीं हैं लेकिन उनकी मां ने ऐसा ही कहा. आज जब सरकार ने JPSC के साथ साथ JSSC-CGL रद्द करने की घोषणा की तो उन्हें लगा कि अब मैं लड़ाई जीत कर ही घर लौटूंगी.










