तमाड़ प्रखंड के ग्रामीण इन दिनों लकड़बग्घे की दहशत से परेशान हैं. इसी बीच गुरुवार को एक पागल कुत्ते ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं. एक कुत्ता अचानक बेकाबू हो गया और तमाड़ से रायडीह, आमलेशा होते हुए करीब 10 किलोमीटर दूर आमटांड़, सारजमडीह तक के रास्ते में 17 लोगों को काट लिया.
पीड़ितों में सबसे ज्यादा स्कूली बच्चे शामिल हैं, जो छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे. ग्रामीणों के अनुसार, कुत्ता लोगों को देखते ही उन पर टूट पड़ता है और काटकर आगे बढ़ जाता है. घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल है. लोग अब सड़क पर निकलने से डर रहे हैं और किसी भी कुत्ते को देखकर सहम जा रहे हैं.
घटना में घायल लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तमाड़ पहुंचाया गया, जहां उन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन देकर इलाज किया गया. ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चे स्कूल जाने से कतराने लगे हैं. परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. वहीं, वन विभाग के अधिकारी अब तक चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है.
पागल कुत्ते के कारण इलाके में दहशत
गुरुवार रात तक कुत्ता पकड़ में नहीं आ सका था. ग्रामीणों की दहशत अब भी बरकरार है. ग्रामीणों ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब इलाके में किसी एक कुत्ते की वजह से इतनी दहशत फैली है.
घायलों को दिया गया एंटी रैबीज इंजेक्शन
दरअसल यह कुत्ता अचानक लोगों पर हमला बोल रहा है. इसकी वजह से कई लोग बाइक और साइकिल से गिरने की वजह से घायल हो चुके हैं. अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि कई घायलों को एंटी रैबीज इंजेक्शन देने के साथ-साथ घाव की ड्रेसिंग भी की गई है.










