झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज: 6–9 अप्रैल तक बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट

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झारखंड के विभिन्न जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहने वाला है. रांची मौसम केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में गर्जन के साथ वर्षा, तेज हवा और वज्रपात (Thunderstorm) होने की प्रबल आशंका व्यक्त की गई है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 से 9 अप्रैल तक राज्य के मध्य, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी जनपदों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. इस समयावधि में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप आगामी दो दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है. इससे लोगों को भीषण गर्मी से आंशिक राहत प्राप्त होगी. हालांकि, 10 अप्रैल के पश्चात मौसम पुनः साफ होने और पारा चढ़ने का अनुमान है.

ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों ने 6 अप्रैल को झारखंड के मध्य और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की विशेष चेतावनी जारी की है. विशेष रूप से 7 और 8 अप्रैल को मौसम का रुख अधिक आक्रामक हो सकता है, जब हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. इस दौरान दक्षिणी-पूर्वी और मध्य झारखंड के जिलों में ओलावृष्टि के साथ भारी वज्रपात का खतरा बना रहेगा. मौसम केंद्र ने किसानों और आम नागरिकों को इस दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है.

राजधानी रांची और डालटनगंज के तापमान का अंतर
राजधानी रांची और इसके समीपवर्ती क्षेत्रों में 9 अप्रैल तक आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. रांची में न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के मध्य रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर रहेगा. दूसरी ओर, रविवार को पलामू प्रमंडल का डालटनगंज राज्य का सर्वाधिक तप्त स्थल रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. बोकारो और देवघर में भी पारा 35 डिग्री के पार रहा. हालांकि, रांची में मौसम अपेक्षाकृत नरम बना हुआ है और रविवार को यहां का तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री कम दर्ज किया गया.

राज्य के कई हिस्सों में हुई बूंदाबांदी
बदलते मौसम के प्रभाव से राज्य के कुछ जिलों में रविवार को भी मेघ बरसे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सर्वाधिक वर्षा रामगढ़ जिले में 5 मिमी रिकॉर्ड की गई है. इसके अतिरिक्त जमशेदपुर, खूंटी, लातेहार और सरायकेला-खरसावां जैसे औद्योगिक और ग्रामीण अंचलों में भी हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई है. मौसम केंद्र का कहना है कि यह प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जो अप्रैल के प्रथम पखवाड़े में अक्सर देखने को मिलता है.

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