मंईयां सम्मान योजना के नाम पर फर्जी कॉल से दहशत, बीडीओ ने जारी की चेतावनी

Share this News:

बोकारो के पिंड्राजोरा क्षेत्र में इन दिनों राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मंईयां सम्मान योजना’ के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है. शातिर ठगों द्वारा योजना की लाभार्थी महिलाओं को फोन कर उनके आवेदन या सत्यापन (Verification) में गड़बड़ी होने का झूठा झांसा दिया जा रहा है. ठग बेहद शातिराना अंदाज में स्थानीय प्रखंड कार्यालय (Block Office) के अधिकारियों का नाम लेकर ग्रामीण महिलाओं को भ्रमित कर रहे हैं और उनके आधार कार्ड की गोपनीय जानकारी सहित पैसों की मांग कर रहे हैं. इस नए पैंतरे से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और कई परिवार इस जालसाजी का शिकार होने से बचे हैं.

‘सत्यापन’ के नाम पर मांगा जा रहा है पैसा
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को क्षेत्र की कई महिलाओं के पास 7024887455 नंबर से संदिग्ध कॉल आया. कॉल करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को मंईयां सम्मान योजना से जुड़े संबंधित सरकारी विभाग का अधिकारी बताते हुए महिलाओं से कहा कि आपके खाते और योजना के सत्यापन में बड़ी समस्या आ गई है. ठग ने डराते हुए कहा कि यदि इसका तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो योजना की अगली किस्त रोक दी जाएगी. इस गड़बड़ी को ठीक करने के एवज में महिलाओं से उनके आधार कार्ड की पूरी डिटेल मांगी गई और साथ ही मोबाइल फोन के माध्यम से तुरंत कुछ रुपये भेजने का दबाव भी बनाया गया.

चास बीडीओ बोले- ‘पूरी तरह फर्जी हैं ऐसे फोन कॉल’
इस संवेदनशील मामले की जानकारी मिलते ही चास के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रदीप कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है. उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी कॉल और साइबर ठगी का सुनियोजित प्रयास बताया है. बीडीओ ने स्पष्ट किया कि मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन, सुधार या किसी भी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए प्रखंड कार्यालय अथवा सरकार की किसी भी एजेंसी की ओर से कभी भी फोन नहीं किया जाता है. न ही किसी लाभार्थी से आधार कार्ड जैसी गोपनीय जानकारी या रुपयों की मांग की जाती है. सरकारी योजनाएं पूरी तरह पारदर्शी और निःशुल्क हैं.

दस्तावेज या बैंक डिटेल किसी से न करें साझा
बीडीओ प्रदीप कुमार ने क्षेत्र के सभी लाभुकों, महिलाओं एवं आम नागरिकों से पुरजोर अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति चास प्रखंड कार्यालय या किसी अन्य सरकारी विभाग का नाम लेकर आपके दस्तावेज, बैंक खाता संबंधी जानकारी, आधार कार्ड, ओटीपी (OTP) या पैसों की मांग करता है, तो उस पर कतई भरोसा न करें. उन्होंने कहा कि सजगता ही साइबर अपराध से बचने का एकमात्र उपाय है. आम लोग ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल आने पर अपनी कोई भी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें और इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन, प्रखंड कार्यालय या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें, ताकि इन अपराधियों को समय रहते दबोचा जा सके.

Share this News:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *