JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा में गड़बड़ी मामले में पूछताछ के लिए JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते आज फिर CID कार्यालय पहुंचे. जहां अधिकारियों ने उनसे कई अहम सवाल पूछे और दस्तावेजों का मिलान किया. बता दें, मामले में नोटिस मिलने के बाद वे मंगलवार (28 जुलाई) को भी सीआईडी कार्यालय पहुंचे थे जहां उनसे देर शाम (करीब 8 घंटे) तक पूछताछ की गई और इस दौरान उनका पासपोर्ट भी जब्त किया गया. हालांकि सीआईडी ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
एसआईटी ने चयन प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर किए थे सवाल
मंगलवार को पूछताछ में एसआईटी ने उनसे सवाल किया कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी क्या भूमिका थी. गड़बड़ी के सूत्रधार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और अब खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत अभय तिवारी से उनके क्या संबंध थे. उपपरीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता तबादले के बाद भी जेपीएससी में कैसे बनी रहीं. इस दौरान खियाग्ते ने ज्यादातर सवालों के गोलमोल जवाब दिए और कहा कि सबकुछ नियम के तहत हुआ.
मामले में अबतक 10 लोगों की हो चुकी हैं गिरफ्तारी
इससे पहले CID ने उनके कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए थे. साथ ही टीडीपीएल के दफ्तर से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड कब्जे में लिये गए. इस मामले में अब तक उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं. पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है. लगातार कार्रवाई से परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं.
21 जुलाई को अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा
नए अध्यक्ष की नियुक्ति छह अगस्त से पहले संभव जेपीएससी के अध्यक्ष पद से एल खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को इस्तीफा दिया है जिसके बाद से यह पद खाली पड़ा है. अध्यक्ष की नियुक्ति के बिना आयोग कोई भी परीक्षा लेने या रिजल्ट जारी करने में असमर्थ है. हालांकि यह संभावना जताई जा रही है कि 6 अगस्त 2026 से पहले आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है या किसी IAS अधिकारी को इसका प्रभार मिल सकता है. इसे लेकर राज्य सरकार की ओर से मंथन चल रहा है.
जेपीएससी अध्यक्ष नियुक्ति पर मंथन तेज
बता दें, डॉ मेरी नीलिमा केरकेट्टा का कार्यकाल समाप्त होने पर भी JPSC अध्यक्ष की कुर्सी 5 माह तक खाली थी. इसके बाद ही एल खियांग्ते ने अध्यक्ष पद संभाला था. आयोग के अध्यक्ष पद पर सेवानिवृत आइएएस, आइपीएस या आइएफएस की नियुक्ति के लिए योग्य व्यक्ति का तलाश की जा रही है. 6 अगस्त से मॉनसून सत्र आरंभ होने से पहले अध्यक्ष की नियुक्ति होने या प्रभार देने की संभावना है. सत्र में विपक्ष जेपीएससी मुद्दा उठाने की रणनीति बना रही है. ऐसे में राज्य सरकार भी अपनी रणनीति बनाने में जुटी है.










