झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को मतदान होगा। चुनावी मैदान में झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी हैं। महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि एनडीए के पास 24 वोट हैं। परिमल नाथवानी की एंट्री के बाद चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में महागठबंधन के 54 विधायक जुटे, जहां मॉक पोल कराया गया। इसमें बैजनाथ राम को 29 और प्रणव झा को 25 वोट मिले। स्पीकर रबींद्र नाथ महतो और विधायक हेमलाल मुर्मू बैठक में मौजूद नहीं थे, लेकिन दोनों ने मतदान में समर्थन देने का भरोसा जताया है। महागठबंधन ने अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ द्वितीय वरीयता के वोट को लेकर भी रणनीति तैयार की है।
मतदान से पहले कांग्रेस और एनडीए दोनों खेमों ने अपने-अपने विधायकों को होटल में ठहराया है। कांग्रेस की ओर से कई दौर की बैठकों में चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई, जबकि राजद, माले और अन्य सहयोगी दलों के विधायकों ने भी समर्थन का भरोसा दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि विधायकों के लिए होटल में रुकने की व्यवस्था सुविधा के मद्देनजर की गई है। एनडीए के 24 विधायकों का बुधवार को दो बार मॉक पोल कराया गया। भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा (आर) के विधायकों को मतदान प्रक्रिया की जानकारी दी गई। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि सभी विधायक गुरुवार सुबह एक साथ विधानसभा पहुंचेंगे। एनडीए खेमे की ओर से अतिरिक्त समर्थन मिलने के दावे भी किए जा रहे हैं।
इस चुनाव में द्वितीय वरीयता के वोट और संभावित क्रॉस वोटिंग भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। यदि किसी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता में जीत के लिए जरूरी वोट नहीं मिलते हैं तो दूसरी वरीयता के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं। राजनीतिक दल इसी संभावना को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। अब मतदान और मतगणना के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।










