बोकारो स्टील प्लांट ने स्टील उत्पादन क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पहली बार प्लांट ने सफलतापूर्वक चेकर्ड प्लेट रोलिंग कर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। राज्य ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला यह प्लांट अब इस नई उपलब्धि के साथ आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती देगा।
प्रायोगिक चरण में 1,250 मिमी से 1,500 मिमी चौड़ाई एवं 5 से 6 मिमी मोटाई की कुल 12 कॉयल्स का उत्पादन किया गया है। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार इन चेकर्ड रोलिंग प्लेट्स की सालाना अनुमानित मांग लगभग 3.6 लाख टन है। नए उत्पाद के व्यावसायिक उत्पादन से बोकारो स्टील प्लांट को प्रति वर्ष 50 से 60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने की संभावना जताई गई है।
बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने इसे प्लांट के इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट अब बड़े पैमाने पर चेकर्ड प्लेट्स बनाने वाला देश का एकमात्र उत्पादक बन गया है। इन प्लेट्स का उपयोग फ्लोरिंग में किया जाता है, जो फिसलन-रोधी होने के कारण उद्योगों, रेलवे और विभिन्न संयंत्रों में बड़े पैमाने पर प्रयोग होती हैं।
धान ने यह भी जानकारी दी कि चेकर्ड प्लेट्स का मासिक उत्पादन लक्ष्य 30,000 टन निर्धारित किया गया है। इन प्लेट्स से एचआर कॉइल की तुलना में प्रति टन लगभग 1,500 रुपये का अतिरिक्त मुनाफा मिलने की संभावना है, जिससे बीएसएल की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।










