शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन आज, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का शुभ मुहूर्त, भोग, मंत्र और जानें पूजा विधि

Share this News:

नवरात्रि का दूसरा दिन आज: मां ब्रह्मचारिणी को कौन-से फूल चढ़ाएं?

Share this News:
Share this News:

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन 12 अक्टूबर सोमवार को मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जा रही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, साधना और संयम की प्रतीक हैं. उनकी आराधना से भक्तों को धैर्य रखने और कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर टिके रहने की प्रेरणा मिलती है. नवरात्रि के इस दिन माता को मिश्री, शक्कर और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा है. आचार्य मदन मोहन से आइए जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी को कौन-से फूल चढ़ाएं, उनकी पूजा कैसे करें और किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है.

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप और महत्व
मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं. उनके एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल रहता है. माता का यह रूप तपस्या, ज्ञान, पवित्रता और आत्मसंयम का संदेश देता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति को जीवन में धैर्य रखने और मुश्किल समय में हिम्मत नहीं हारने की प्रेरणा मिलती है.

मां ब्रह्मचारिणी को क्या चढ़ाएं?
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री और शक्कर का भोग लगाया जााता है. इसके अलावा दूध, खीर और दूध से बनी मिठाइयां भी अर्पित की जा सकती हैं. पूजा में माता को चमेली, कमल या गुड़हल के फूल चढ़ाने की परंपरा है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार सफेद या पीले फूल भी अर्पित कर सकते हैं.

दूसरे नवरात्र पर कौन-सा रंग पहनें?
नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद रंग पहनना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं में सफेद रंग शांति, पवित्रता और सरलता का प्रतीक है. इस दिन भक्त सफेद या पीले रंग के सााफ कपड़े पहनकर माता की पूजा कर सकते हैं.

मां ब्रह्मचारिणी के मंत्र
माता की पूजा के दौरान भक्त इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं.

  1. बीज मंत्र:
    ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
  2. ध्यान मंत्र:
    दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।
    देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
  3. देवी स्तुति मंत्र:
    या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि
नवरात्रि के दूसरे दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा और कलश को प्रणाम करें. मां ब्रह्मचारिणी की तस्वीर या प्रतिमा के सामने दीपक और धूप जलाएं. माता को कुमकुम, चंदन, अक्षत और फूल अर्पित करें. इसके बाद मिश्री, शक्कर या खीर का भोग लगाएं. पूजा के दौरान मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करें. चाहें तो 108 बार बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं. अंत में माता की आरती करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में दिखावे से ज्यादा श्रद्धा, स्वच्छताा और मन की एकाग्रता का महत्व है.

Share this News:

Subscribe to Our Newsletter

Keep in touch with our news & offers

D

Enjoy Unlimited Digital Access

Read trusted, award-winning journalism. Just $2 for 6 months.
Already a subscriber?
Share the post
What to read next...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *