भागलपुर से उत्तर बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु रविवार की देर रात गंगा में समा गया. अब बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया में बने गंगा नदी पर पुल को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है. तीन महीने में बन सकता है पुल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को कहा कि विक्रमशिला सेतु का जो स्पैन गिरा है, उसे दुरुस्त करने में तीन महीने का समय लग सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दिसंबर तक विक्रमशिला सेतु के सामानांतर गंगा नदी पर बन रहे पुल पर गाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा. सेना से मांगी गई मदद डॉ. चंद्रशेखर ने आगे बताया कि बिहार सरकार ने सेना से मदद मांगी है. उन्होंने कहा, जैसे ही इस दुर्घटना की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिली, उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर पुल की मरम्मती को लेकर मदद मांगी है. रक्षा मंत्री ने उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है.
जिला प्रशासन की तारीफ डॉ. चंद्रशेखर ने विक्रमशिला पुल के धंसने के बाद भागलपुर जिला प्रशासन की सतर्कता को लेकर तारीफ की. उन्होंने कहा, यदि जिला प्रशासन सतर्क नहीं होता तो यह हादसा बहुत बड़ा हो सकता था. उन्होंने स्वीकार किया कि इस पुल पर यातायात का भारी दबाव था. पिछले दिनों पटना से एक टीम को इस पुल की जांच के लिए भेजा गया था और जांच में भी इस पुल की कई खामियां सामने आयी थी. उन्होंने कहा कि इस पुल की मरम्मती में आईआईटी, पटना का भी सहयोग लिया जाएगा.
लोगों को इस पुल का करना होगा इस्तेमाल जानकारी के मुताबिक, वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में उत्तर बिहार की तरफ जाने वाली गाड़ियों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु से और उत्तर बिहार से भागलपुर की तरफ आने वाली गाड़ियों को खगड़िया में बने गंगा पुल का इस्तेमाल करना होगा. फिलहाल भागलपुर और नवगछिया के बीच पीपा पुल का निर्माण नहीं किया जाएगा, क्योंकि कुछ ही समय के बाद राज्य में मानसून एक्टिव होने वाला है. नवगछिया से भागलपुर आने वाली गाड़ियों के लिए वहां जल्द ही स्टीमर सेवा भी शुरू की जा रही है. यह घटना रविवार की देर रात करीब 12:30 बजे की है, जब पुल के 133 नंबर पोल के पास पहले धंसाव शुरू हुआ और एहतियातन तुरंत ट्रैफिक को बंद कर दिया गया. लेकिन कुछ ही देर बाद पुल का वह हिस्सा पूरी तरह टूटकर नीचे गिर गया.










