झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के मौजूदा कार्यक्रम के मुताबिक प्राप्त दावों-आपत्तियों का निपटारा 14 अक्तूबर तक और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्तूबर को होना है. दावा-आपत्ति की अवधि 30 सितंबर को समाप्त हो चुकी है, लेकिन अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में आवेदन आए. 30 सितंबर तक फॉर्म-6, 6 ए, 7 और 8 के कुल 11,79,761 आवेदन प्राप्त हुए. बचे हुए मात्र आठ दिनों में इनका निपटारा संभव नहीं है. इसलिए राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने भारत निर्वाचन आयोग से एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का आग्रह किया है.
63 लाख से अधिक मामलों का निपटारा बाकी
नोटिसों के निपटारे, दस्तावेजों के सत्यापन और लंबित दावों-आपत्तियों की सुनवाई को देखते हुए प्रक्रिया को 30 नवंबर तक जारी रखने की तैयारी है. हालांकि, अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग को लेना है. राज्य में एसआइआर का ड्राफ्ट रोल पांच अगस्त को प्रकाशित हुआ था. इसके बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं को नो-मैपिंग, डीएसई और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी समेत विभिन्न कारणों से नोटिस जारी किये गये. करीब 63.24 लाख नोटिसों के निपटारे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. इनमें 14.03 लाख नो-मैपिंग, 3.65 लाख डीएसइ और 45.55 लाख लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े मामले शामिल हैं. ऐसे में इन सभी मामलों की जांच, दस्तावेजों के संग्रह और निर्णय के बाद ही मतदाताओं की अंतिम सूची जारी की जा सकती है.
एसआईआर की समयसीमा बढ़ सकती है
भारत निर्वाचन आयोग दूसरे राज्यों में भी जरूरत के अनुसार एसआइआर की समय सीमा बढ़ा चुका है. दिल्ली के मामले में आयोग ने दावा-आपत्ति की अवधि 30 अक्तूबर तक और नोटिसों व दावों-आपत्तियों के निपटारे की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ाई है. इससे साफ है कि निर्धारित कार्यक्रम से आगे प्रक्रिया ले जाना आयोग के लिए असामान्य नहीं है. झारखंड के मामले में भी अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि आयोग राज्य के अनुरोध को कितनी अवधि तक मंजूरी देता है.
59 हजार से अधिक आवेदन मिले थे अंतिम दिन
एसआइआर के तहत दावे-आपत्तियों के लिए तय अंतिम तिथि 30 सितंबर को 59,666 आवेदन आये. इनमें 34,820 फॉर्म-6 और 24,106 फॉर्म-8 थे. इसके बाद भी भौतिक रूप से प्राप्त आवेदनों का डिजिटाइजेशन जारी है. तीन अक्तूबर की स्थिति में 7,27,252 फॉर्म-6, 13,696 फॉर्म-7, 4,80,016 फॉर्म-8 और 113 फॉर्म-6ए डिजिटाइज किए जा चुके थे. यानी कुल 12,29,268 आवेदन डिजिटाइजेशन के स्तर पर दर्ज थे.










