रांची: जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में झारखंड के छात्रों का आंदोलन बढ़ता जा रहा है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों की तर्ज पर अब राजधानी रांची में भी बड़ी संख्या में छात्र एक मंच पर जुटने लगे हैं. इसी कड़ी में बुधवार को कचहरी चौक स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
दोषियों पर नहीं हुई कोई प्रभावी कार्रवाई
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आरोप था कि जेपीएससी-जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं लेकिन अब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
CBI से मामले की जांच कराने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्य सरकार से इन मामलों की जांच सीआईडी के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की. उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच तभी संभव होगी, जब इसकी जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए. इसके साथ ही उन्होंने कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों को अविलंब पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग उठाई.
सरकार ने नहीं लिया शिकायतों को गंभीरता से: प्रदर्शनकारी
आंदोलन में शामिल छात्रों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. ज्ञापन सौंपने से लेकर धरना-प्रदर्शन तक कई माध्यम अपनाए गए लेकिन उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं निकला. छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने समय रहते इन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से अब बड़ी संख्या में छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा है.
निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन
छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी सालों तक कठिन मेहनत करते हैं, ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगें तो युवाओं का भरोसा कमजोर होता है. उनका कहना है कि वे किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग
प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों ने एक आवाज में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराई. आंदोलनकारियों ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटी छात्रों की बड़ी संख्या ने यह साफ कर दिया है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा अब राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा जन सरोकार बन चुका है.










