6 साल तक पुलिस बनकर घूमता रहा शातिर, जामताड़ा में फर्जी अधिकारी अनूप कुमार गिरफ्तार

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जामताड़ा के मिहिजाम में फर्जी पुलिस अधिकारी पकड़ा गया। आरोपी का नाम अनूप कुमार है। आरोप है कि अनूप ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रंगदारी वसूली और कई युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनका यौन उत्पीड़न किया। हैरानी की बात है कि पुलिस की वर्दी पहनकर, पिस्तौल और वॉकी-टॉकी लेकर घूमने वाला ये आदमी पिछले 6 साल से कांड कर रहा था। बुधवार को जामताड़ा एसडीपीओ वसीम रजा ने पूरे मामले का पर्दाफाश किया। पिछले दिनों एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इस फर्जी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया
एसडीपीओ वसीम रजा ने जानकारी दी है कि एसपी के निर्देश पर फर्जी आईडी कार्ड, हथियार और वाकी-टॉकी लेकर घूम रहे शातिर अपराधी को पकड़ा गया है। मिहिजाम थाने में आरोपी अनूप कुमार के खिलाफ कांड संख्या- 50/2026 दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

कानगोई पत्थर डंप के पास पकड़ा गया आरोपी
एसडीपीओ वसीम रजा ने बताया कि मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा को गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि कानगोई-डोमदाहा रोड में एक आदमी पुलिस की वर्दी में लोगों पर रौब झाड़ रहा है। पुलिस जब कानगोई पत्थर डंप के पास पहुंची तो वहां एक व्यक्ति को पुलिस का बूट, पैंट और सफेद बनियान पहनकर शराब पीते हुए पाया। पूछताछ में उस आदमी ने अपना नाम अनूप कुमार बताया। उसने दावा किया कि वह जैप-5 का जवान है और देवघर में पदस्थापित है। पुलिस ने जब उसका पहचान पत्र मांगा तो उसने जैप-5 देवघर का एक अस्थायी आईडी कार्ड दिखाया।

कार्ड में नियुक्ति की तारीख और आरोपी की जन्मतिथि में भारी अंतर था। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी आईडी कार्ड बनवाया है औऱ धनबाद से वर्दी खरीदी है। वो खाकी का रौब दिखाकर लोगों से वसूली करता था।

2019 से ही झारखंड-बिहार में किया कई कांड
छानबीन में पता चला कि अनूप कुमार 2019 से ही झारखंड और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जिलों में घूमकर, वर्दी का रौब जमाकर लोगों को लूट रहा था। इस दौरान उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाया और उनका यौन उत्पीड़न किया। आरोपी अनूप कुमार अतीत में धनबाद में एक पुलिस अधिकारी के वाहन का चालक रह चुका है, लेकिन उसकी गलत हरकतों की वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। पश्चिम बंगाल के चितरंजन में फर्जी सिविल वॉलेंटियर बनकर भी अनूप कुमार लोगों को चूना लगा चुका है।

पत्नी को गुजारा भत्ता देने के आदेश पर भागा
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। बताया जाता है कि वर्ष 2016-17 में अनूप की पत्नी ने उसके खिलाफ घरेलु प्रताड़ना का मुकदमा करते हुए तलाक मांगा था। साथ ही उसके खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा भी दर्ज था। कोर्ट ने अनूप को आदेश दिया था कि वह पत्नी को गुजारा भत्ता दे, लेकिन वह फरार हो गया। चितरंजन थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है।

पुलिस को अनूप के पास एक पिट्ठू बैग मिला, जिसमें देसी कट्टा, 5 जिंदा कारतूस, 2 चाकू, 2 वाकी-टॉकी और 3 स्मार्टफोन था। अनूप के पास फर्जी आईडी कार्ड, 2 केमोफ्लाइज पैंट, 1 हवलदार लोगो शर्ट, गोली टोपी, खाकी बेल्ट, बूट और डायरी भी मिली है।

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