रांचीः झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. एक अरसे से फरार नक्सली मिसिर बेसरा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा को धनबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ पांच अन्य नक्सलियों को भी पुलिस ने दबोच लिया है.
दो ग्रामीणों को भी किया गया गिरफ्तार
गिरफ्तार किए गए लोगों में मिसिर बेसरा, मोछू उर्फ तुंबा मांझी, गौरव उर्फ बीरेंद्र हंसदा और दो ग्रामीण शामिल हैं. ये दोनों ग्रामीण नक्सलियों को जंगल की ओर ले जाने में उनकी मदद कर रहे थे. पुलिस ने उस पिकअप वाहन से तीन AK-47 राइफलें भी बरामद कीं हैं, जिसमें नक्सली सवार थे. पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है.
मिसिर बेसरा, एक कुख्यात नक्सली जिस पर ₹1 करोड़ का इनाम था, उसे धनबाद में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके साथ पांच और नक्सलियों को भी पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए लोगों में मिसिर बेसरा, मोचू उर्फ तुम्बा मांझी और गौरव उर्फ बीरेंद्र हांसदा शामिल हैं। गिरफ्तार नक्सलियों को जंगल से ले जाने में मदद करने के लिए दो गांववालों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उस पिकअप ट्रक से तीन AK-47 राइफलें भी बरामद कीं जिसमें नक्सली सवार थे।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद में विशेष अभियान चलाया. इस अभियान के दौरान मिसिर बेसरा को उसके पांच साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया. नक्सली मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.
मिसिर बेसरा पर झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली गतिविधियों, सुरक्षाबलों पर हमलों और अन्य गंभीर मामलों में संलिप्त रहने के आरोप हैं. उसकी गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी.
फिलहाल गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है. पूछताछ के आधार पर संगठन के नेटवर्क और अन्य गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही.










