रांची: वर्ष 2024 में उच्च न्यायालय के अधिवक्ता पर हुई फायरिंग की घटना का रांची पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस संबंध में रातू थाना कांड संख्या 326/24 दर्ज की गई थी.
1 अक्टूबर 2024 को हुई थी फायरिंग
एसएसपी कार्यालय के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2024 को उच्च न्यायालय के अधिवक्ता बाबन प्रसाद मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उन पर फायरिंग की थी, जिससे वे घायल हो गए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था.
शूटर और साजिशकर्ता गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों और अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मामले में शूटर गुलशन कुमार विश्वकर्मा और साजिशकर्ता अनुज कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.
भूमि विवाद में रची गई थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि अनुज कुमार महतो और अधिवक्ता बाबन प्रसाद के बीच पैतृक भूमि को लेकर विवाद चल रहा था. इसी विवाद के कारण अनुज कुमार महतो ने सुपारी देकर अधिवक्ता की हत्या कराने की साजिश रची थी. इसके बाद फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया. पुलिस ने बताया कि घटना में प्रयुक्त पिस्टल और मोटरसाइकिल बाद में दिसंबर 2024 में चैनपुर थाना क्षेत्र में रंगदारी एवं आर्म्स एक्ट के एक अन्य मामले में बरामद की गई थी.
गिरफ्तार आरोपियों में अनुज कुमार महतो (निवासी सुदना, पलामू) और गुलशन कुमार उर्फ गुलशन कुमार विश्वकर्मा (निवासी पोंची, पलामू) शामिल हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गुलशन कुमार के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं. इस कार्रवाई में पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन, रातू थाना प्रभारी आदिकांत महतो सहित कई पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.










