बिहार: शराबबंदी के बाद छात्रों को नशीली सुई का शिकार, 3 गिरफ्तार

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बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद नशे के तौर-तरीकों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में पटना पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो छात्रों को नशीली इंजेक्शन का आदी बना रहा था. पुलिस ने कंकड़बाग इलाके में छापेमारी कर एक महिला सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से कुल 151 नशीली सुइयां बरामद की गई हैं.

50 से 60 रुपये में मिलती है कोचिंग के बाहर नशीली सुई

पटना पुलिस को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कंकड़बाग और आसपास के क्षेत्रों में नशे के सौदागर छात्रों को नशीली सुई बेचते हैं. ये लोग कोचिंग संस्थानों के बाहर खड़े रहते थे और आने-जाने वाले छात्रों को 50 से 60 रुपये में नशीली सुई उपलब्ध कराते थे. सूचना की पुष्टि होने पर 8 दिसंबर को एक विशेष टीम का गठन किया गया और फिर कंकड़बाग में छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया.

पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये तस्कर पिछले छह महीनों से कंकड़बाग में नशीली इंजेक्शन की अवैध बिक्री कर रहे थे. छात्रों को कम दाम पर नशे का लालच देकर उन्हें लत में धकेला जा रहा था. यह नेटवर्क धीरे-धीरे इलाके के कई युवाओं को अपना शिकार बना रहा था. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन नशीली सुइयों की सप्लाई कहां से होती थी और इसके पीछे कौन लोग जुड़े हुए हैं.

पुलिस ने महिला समेत तीन को किया गिरफ्तार

सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिनव ने बताया कि नशीली इंजेक्शन शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक होते हैं और इनका दुष्प्रभाव दीर्घकालिक होता है. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद इंजेक्शन आधारित नशे का प्रसार तेजी से बढ़ा है, जो शरीर में संक्रमण, अंगों के खराब होने और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है. पुलिस ने छात्रों के माताा-पिता से अपील की है कि वो अपने बच्चों पर कड़ी नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

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