फर्जी कागजात के सहारे आयकर विभाग से 7 लाख 82 हजार 529 रुपए का रिफंड लेने के चर्चित मामले में मंगलवार को धनबाद सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत पांडेय की अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुना दिया. कोर्ट ने मामले के नामजद अभियुक्त भोजपुरी गायक भरत शर्मा व्यास, मुगमा एरिया ऑफिस के अकाउंटेंट सत्यवान राय और एलआइसी एजेंट नमिता राय को दोषी करार देते हुए 2 वर्ष कैद और 5,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनायी है.
तीनों को अपील दायर करने के लिए मिली अंशकालिक जमानत
फैसला सुनाये जाने के बाद अदालत ने तीनों को ऊपरी अदालत में क्रिमिनल अपील याचिका दायर करने के लिए अंशकालिक जमानत भी दे दी. फैसला सुनाये जाते समय तीनों अभियुक्त अदालत में सशरीर हाजिर थे. सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने 23 जून 2004 को इनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी.
केस के अनुसंधानकर्ता सीबीआई इंस्पेक्टर एके झा ने 12 जुलाई 2007 को आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र समर्पित किया था. अदालत ने आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित कर केस की सुनवाई शुरू की. इस दौरान अभियोजन की ओर से सीबीआई ने 8 गवाहों के बयान दर्ज करवाये. बचाव पक्ष के वकील ने क्रॉस एग्जामिनेशन किया।










