मोकामा की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है. दुलारचंद हत्याकांड को लेकर हलचल तेज है. इस बीच पुलिस दुलारचंद यादव को कुचलने वाली कार को ढूंढ रही है. दरअसल, अब तक पुलिस इस घटना में इस्तेमाल किये गए हथियार और उन्हें कुचलने वाली कार को बरामद नहीं कर सकी है. ऐसे में पुलिस लगातार जांच पड़ताल में जुटी है. इस घटना को लेकर अब तक 80 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
अनंत सिंह से होगी पूछताछ
एसएसपी के मुताबिक, दुलारचंद के पैर में गोली मारी गई थी. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि सीने पर गाड़ी चढ़ाने से दुलारचंद की हत्या हुई थी. ऐसे में हत्या के आरोपी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को 14 दिनों के लिये न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इस दौरान उनसे पूछताछ की जायेगी. इसके साथ ही उनसे हथियार, गाड़ी और उसे चलाने वालों की जानकारी लेने की कोशिश की जायेगी. यह भी पता लगाया जायेगा कि हथियार किसका था और कहां से लाया गया था.
मामले में सीआईडी कर रही जांच
इससे पहले मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड को लेकर बिहार पुलिस अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने औपचारिक रूप से केस को अपने अंडर लेने के बाद सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत ने शनिवार को घटनास्थल का दौरा किया और सभी पहलुओं की जांच की. सीआईडी अधिकारियों ने एफएसएल टीम के साथ मिलकर पूरे इलाके की जांच की थी. अब मामले में घटना स्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा ताकि आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी हो सके.
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था टाइट
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. सीएपीएफ की 13 कंपनियां, एसटीएफ की दो यूनिट और क्यूआरटी की चार टीमों को तैनात किया गया है. साथ ही भदौर और घोसवरी थानाध्यक्षों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. अनंत सिंह, पियूष प्रियदर्शी और राजद प्रत्याशी वीणा देवी को अतिरिक्त सुरक्षा दी गई है.
30 अक्टूबर को हुई थी घटना
मालूम हो, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मोकामा विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है. 30 अक्टूबर को घोसवरी-भदौर थाना क्षेत्र की सीमा पर जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पियूष प्रियदर्शी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के काफिलों में हुई भिड़ंत ने हिंसक रूप ले लिया. इस दौरान 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई. इसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया










