‘आम जनता सरकार के एजेंडे में नहीं’, दीपंकर भट्टाचार्य ने केंद्र की नीतियों पर उठाए सवाल

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भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए अहंकार का त्याग कर जनता के हित में कार्य करने का सुझाव दिया है. महासचिव श्री भट्टाचार्य ने रविवार को स्थानीय परिसदन में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केंद्र की भाजपानीत सरकार कॉर्पोरेट पक्षीय निर्णय ले रही है.

गुड़, चीनी भी आम आदमी से दूर
गन्ना से इथेनॉल तैयार कर पेट्रोल के साथ ऊंची कीमत पर बेचा जा रहा है. दूसरी तरफ चीनी मिलों का निजीकरण किया जा रहा है. इस कारण चीनी गुड़ सहित अन्य सामग्री महंगा हो गया. यही स्थिति रही तो गुड़, चीनी भी आम आदमी से दूर हो जायेगा।महंगाई से आम जनता त्रस्त है. इस तरह केंद्र सरकार गरीबों के जेब पर हमला कर रही है.

केंद्र सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं है आम जनता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कारपोरेट दोस्तों को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसी नीति तैयार कर रहे हैं. केंद्र सरकार के एजेंडे में आम जनता शामिल नहीं है. उन्होंने कहा कि भाकपा माले जन आंदोलनों व छात्र हितों का समर्थन करती है. शिक्षा और अन्य मांगों को लेकर चल रहे देशव्यापी व राज्य स्तरीय छात्र आंदोलनों को दबाने की सरकार की हर कोशिश नाकाम होगी तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिया जाना चाहिये. छात्रों की मांग जायज है.

डंडे और बंदूक से दबाना चाहती है छात्रों की आवाज
महासचिव श्री भट्टाचार्य ने भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर किए गए दमनात्मक कार्रवाई की आलोचना किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लाठी डंडे और बंदूक से छात्रों की आवाज को दबाना चाहती है. छात्र हित में राज्य सरकार का यह रवैया उचित नहीं है.

मुख्यमंत्री करे आंदोलन कर रहे छात्रों से वार्ता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चाहिए कि आंदोलन कर रहे छात्रों से सकारात्मक वार्ता कर उनकी मांगों को पूरा करें. सीएम को यह नहीं भूलना चाहिए कि राज्य सरकार की नीतियों,कार्यों और हर गतिविधियों पर जनता की नजर रहती है. राज्य में संविधान के अनुरूप कानून का शासन होना चाहिए.

सांप्रदायिक व महिला हिंसा पर पूर्णतः रोक
झारखंड में सांप्रदायिक व महिला हिंसा पर पूर्णतः रोक लगे और गरीब, मजदूरों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाय. देश के युवा अब जाग चुके हैं. पार्टी ने युवाओं की मांगों और रोजगार के सवालों पर मुखर होकर आवाज उठाया. साथ ही उनके आंदोलनों का समर्थन किया है. देश और राज्यों में तानाशाही व जनविरोधी ताकतों को हराने के लिए वाम दलों और विपक्षी गठबंधनों को मजबूत व एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करना होगा. मौके पर रामजी राय, बीएन सिंह,पंकज श्रीवास्तव, रवींद्र भुइयां,सरफराज आलम, दिव्या भगत, मनीष विश्वकर्मा,उदय कुमार सहित कई लोग मौजूद थे.

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