JPSC द्वारा फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा का परिणाम 18 माह बीत जाने के बावजूद जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है। इसी को लेकर बुधवार को राज्यभर से पहुंचे अभ्यर्थियों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) कार्यालय का रुख किया और प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों के आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो का समर्थन मिला। देवेंद्र नाथ महतो ने अभ्यर्थियों की समस्या को लेकर जेपीएससी सचिव से वार्ता का प्रयास किया, लेकिन सचिव संदीप कुमार द्वारा मुलाकात से इनकार किए जाने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
सचिव से वार्ता नहीं होने पर आक्रोशित देवेंद्र नाथ महतो अभ्यर्थियों के साथ जेपीएससी कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए, जिससे कार्यालय का प्रवेश द्वार घंटों बाधित रहा। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है और फूड सेफ्टी ऑफिसर का परिणाम 18 माह तक जारी नहीं होना भ्रष्टाचार के चरम को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक परिणाम जारी नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन संघर्ष जारी रहेगा और छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, छात्र नेता सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि जेपीएससी झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग ने विज्ञापन संख्या 18/2023 के तहत 56 पदों पर फूड सेफ्टी ऑफिसर की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। परीक्षा 27 मई 2024 को संपन्न हुई, लेकिन अब तक न तो परिणाम घोषित किया गया है और न ही आगे की चयन प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।
छात्रों का कहना है कि लंबे समय से अनिश्चितता के कारण वे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग से जल्द परिणाम जारी करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूरा करने की मांग की है।










