नवरात्रि के पावन अवसर पर जहां देशभर में श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और उपवास में लगे हैं, वहीं झारखंड के लातेहार जिले के पोचारा गांव की एक किशोरी ने अपनी कठोर साधना से सबका ध्यान खींचा है।
गांव की रहने वाली 15 वर्षीय अनीशा कुमारी पिछले कई दिनों से फलाहार पर रहकर नवरात्रि की तपस्या कर रही हैं। लेकिन यह तपस्या साधारण नहीं है अनीशा एक 32 किलो वजनी नुकीली चौकी पर लेटकर यह साधना कर रही हैं, जो स्थानीय लोगों के बीच आस्था और चर्चा का विषय बन गई है। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व अनीशा को मां दुर्गा ने सपने में दर्शन दिए थे और तप करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अनीशा ने स्वयं चौकी तैयार करवाई और नवरात्रि के पहले दिन से ही साधना में लीन हो गईं।
इस बारे में अनीशा ने बताया “मां ने मुझसे कहा कि अगर मैं साधना करूँगी तो मेरी सारी परेशानियाँ दूर हो जाएंगी। उसी आशीर्वाद को मानकर मैंने यह संकल्प लिया है।” स्थानीय ग्रामीणों के बीच अनीशा की भक्ति और निष्ठा की काफी सराहना हो रही है। कई लोग इसे देवी की कृपा मानते हैं, तो कई इसे आध्यात्मिक प्रेरणा का उदाहरण बताते हैं।
गांव की महिलाएं और बुजुर्ग भी अनीशा की तपस्या को देखने आते हैं और देवी के प्रति उनके विश्वास की सराहना करते हैं। उनका मानना है कि अनीशा जैसी आस्था आज के समय में विरले ही देखने को मिलती है।
अनीशा की इस साधना ने न सिर्फ पोचारा गांव, बल्कि पूरे लातेहार जिले में श्रद्धा और भक्ति की नई मिसाल कायम की है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर यह घटना लोगों को यह संदेश देती है कि अगर मन में सच्ची श्रद्धा और अटल संकल्प हो, तो कोई भी मार्ग कठिन नहीं होता।










