इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में सभी रिकॉर्ड टूट गये. 6 और 11 नवंबर दोनों फेज को मिलाकर टोटल 66.91 प्रतिशत मतदान हुआ, जो अब तक का सर्वाधिक है. 73 साल के इतिहास में पहली बार इस तरह से मतदान होने की बात कही जा रही है. यह 2020 के विधानसभा चुनाव में हुए 57.29 प्रतिशत मतदान की तुलना में 9.62 प्रतिशत अधिक है.
दूसरे फेज में पहले के मुकाबले ज्यादा हुई वोटिंग
6 नवंबर को पहले चरण में हुई 65.08 प्रतिशत वोटिंग का रिकॉर्ड मंगलवार को दूसरे चरण में टूट गया. दूसरे चरण की 122 सीटों पर 68.76 प्रतिशत मतदान हुआ. दोनों चरणों को मिला कर देखें, तो पुरुषों के मुकाबले 8.8 प्रतिशत अधिक महिलाओं ने मतदान किया. पुरुषों का मतदान प्रतिशत 62.80, जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत 71.60 रहा.
कटिहार जिले में सबसे ज्यादा वोटिंग
कटिहार दूसरे चरण में सबसे ज्यादा मतदान वाला जिला रहा, जहां 79.07 प्रतिशत वोट पड़े. इसके बाद किशनगंज में 78.15 प्रतिशत, पूर्णिया में 76.43 प्रतिशत और सुपौल में 72.82 प्रतिशत का मतदान हुआ. ये सभी जिले नेपाल की सीमा से सटे कोसी-सीमांचल क्षेत्र में आते हैं, जो अल्पसंख्यक-बहुल आबादी वाले इलाके हैं. दक्षिण बिहार के जिलों में भी मतदान का प्रतिशत अधिक रहा.
अन्य जिलों में वोटिंग का प्रतिशत
बांका में 70.67%, जमुई में 69.72%, गया में 68.78% और कैमूर में 68.57% मतदान हुआ. नवादा जिले में सबसे कम 57.86% वोट पड़े. पूर्वी चंपारण में 71.57% और पश्चिमी चंपारण में 71.24%, अररिया में 70.56%, अरवल में 63.88%, औरंगाबाद में 65.47%, भागलपुर में 67.75%, जहानाबाद में 65.34% मधुबनी में 63.74%, रोहतास में 62.40%, शिवहर में 68.80% और सीतामढ़ी में 67.21% मतदान हुआ.
पुरूषों से ज्यादा महिलाओं ने किया वोट
सबसे अधिक मतदान किशनगंज जिले के ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र में 81.32% हुआ. इस तरह से टोटल मतदान की बात करें तो, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले फेज में 65.08 प्रतिशत वोट पड़े. दूसरे फेज में 68.76 प्रतिशत वोट पड़े. खास बात यह भी रही कि इस बार पुरूषों से ज्यादा महिलाओं ने वोटिंग की. ओवर ऑल महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत 71.60 रहा जबकि ओवर ऑल पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 62.80 रहा.









