617 दिन से धरने पर बैठे दिव्यांग, सरकार पर समानता के उल्लंघन का आरोप

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रांची से एक महत्वपूर्ण खबर है। झारखंड दिव्यांग आंदोलन संघ के सदस्यों ने अपने धरने के 617वें दिन लोक भवन के समक्ष ही डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई। यह कार्यक्रम मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को आयोजित किया गया।

धरना स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के सदस्यों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद किया। साथ ही उन्होंने सरकार और समाज तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की कि दिव्यांग, वृद्ध और विधवा जैसे जरूरतमंद वर्गों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक योजनाओं में असमानता दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि एक ओर जहां महिलाओं के लिए 2500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है, वहीं दिव्यांग, वृद्धा और विधवा पेंशन के रूप में केवल 1000 रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे समाज में असंतुलन और भेदभाव की स्थिति बन रही है।

संघ के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए समानता के अधिकार का पालन पूरी तरह नहीं कर रही है।

धरना स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में ओम प्रकाश चौहान, भगन ठाकुर, कुमारी जिह्वा, महताब आलम, पंकज पंडित, सतार मियां, पूनम कुमारी, आकाश नयन, पंडित नरेश मिश्रा, जानकी, आजाद, कोसम, मलार सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

फिलहाल आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए धरना जारी रखने की बात कही है।

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