जमशेदपुर शहर के बिष्टुपुर सीएच एरिया निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण की घटना ने पूरे शहर को हिला दिया था। बीते 13 जनवरी को कदमा सोनारी लिंक रोड के पास सफेद स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में कैरव गांधी को अगवा कर लिया था। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद से परिवार और पुलिस दोनों गहरी चिंता में थे।
अपहरण के बाद कैरव गांधी का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। जिस तरह अचानक वह लापता हुए, उसी तरह उनकी बरामदगी भी रहस्यमयी मानी जा रही है।
गया हजारीबाग बॉर्डर से हुई बरामदगी
मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे पुलिस ने कैरव गांधी को गया हजारीबाग बॉर्डर क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने राहत की सांस ली, लेकिन पूरे मामले में अब भी कई सवाल अनुत्तरित हैं।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।
एसएसपी के निर्देश पर बनीं थीं विशेष टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर विशेष जांच टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। इन्हीं तकनीकी और मानवीय प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और 14 दिनों के भीतर अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया।










